सागर जिले के थाना रहली क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम ग्वारी खुर्द में एक बीमार किशोरी की जान बचाने में डायल-112 पुलिस जवानों ने अद्भुत संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय दिया। देर रात किशोरी का अचानक स्वास्थ्य बिगड़ गया था और परिवहन का कोई साधन उपलब्ध नहीं था। सूचना मिलते ही डायल-112 टीम मौके पर पहुँची और उसे सुरक्षित अस्पताल पहुँचाया।

🚨 घटना का विवरण — रात 9:21 बजे मिली सूचना
दिनांक 10 नवम्बर 2025 को रात्रि 9:21 बजे राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि
“ग्राम ग्वारी खुर्द में एक 17 वर्षीय किशोरी की तबीयत अचानक खराब हो गई है, और अस्पताल ले जाने हेतु तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता है।”
सूचना मिलते ही कंट्रोल रूम ने थाना रहली क्षेत्र में तैनात डायल-112 वाहन को घटनास्थल के लिए रवाना किया।
👮 पुलिस जवानों ने दिखाई तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता
डायल-112 की एफआरव्ही टीम में पदस्थ आरक्षक शिवम पटेरिया और पायलट रामनरेश तिवारी तुरंत गाँव पहुँचे। वहाँ उन्होंने देखा कि किशोरी की हालत गंभीर है और चिकित्सा वाहन (108 एंबुलेंस) किसी अन्य स्थान पर व्यस्त होने से उपलब्ध नहीं हो पा रहा था।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस जवानों ने देर किए बिना किशोरी को उसके परिजनों के साथ डायल-112 वाहन में बैठाया और तेज गति से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, रहली (CHC Rahli) पहुँचाया।
💬 परिजनों ने व्यक्त किया आभार, कहा— “रात के अंधेरे में देवदूत बनकर पहुँची पुलिस”
अस्पताल पहुँचने के बाद किशोरी को तत्काल उपचार मिला, जिससे उसकी हालत में सुधार हुआ।
किशोरी के परिजनों ने कहा —
“रात में कोई साधन नहीं मिल रहा था, बेटी की हालत बिगड़ रही थी। ऐसे में डायल-112 के पुलिस जवान देवदूत बनकर पहुँचे। अगर वे समय पर न आते तो स्थिति बिगड़ सकती थी।”
परिजनों और ग्रामीणों ने डायल-112 सेवा की सराहना करते हुए पुलिस विभाग का धन्यवाद किया।
🏥 मानवता के प्रहरी — ‘डायल-112’ सेवा का फिर दिखा मानवीय चेहरा
संकट के हर क्षण में तत्पर रहने वाली डायल-112 सेवा लगातार लोगों की आपात जरूरतों में मदद कर रही है — चाहे सड़क दुर्घटना हो, बीमार व्यक्ति को अस्पताल पहुँचाना हो या किसी अन्य संकट की घड़ी।
रहली थाना क्षेत्र की यह घटना एक बार फिर इस बात की पुष्टि करती है कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था की ही नहीं, बल्कि मानवता की भी सच्ची रक्षक है।