दमोह। दमोह-सागर मार्ग पर हुए भाजपा नेता की हत्या के मामले में पुलिस जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। पहले जिसे सड़क हादसा माना जा रहा था, अब वह एक सुनियोजित हत्या निकली है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने न सिर्फ बाइक सवार भाजपा नेता को कार से कुचला, बल्कि बाद में गाड़ी रिवर्स कर उस पर दोबारा पहिया चढ़ाकर उसकी मौत सुनिश्चित की।
मामले में गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाला बयान दिया है। उन्होंने कहा— “हम राजपूत हैं, सम्मान के लिए लड़ते हैं।” इस बयान के बाद मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है।
मृतक भाजपा नेता की पहचान Devendra Rajput के रूप में हुई है, जो दमोह जिले में भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष रह चुके थे।
पहले हादसा समझा गया, बाद में निकली साजिश
घटना 12 मई को दमोह-सागर मार्ग पर हुई थी। शुरुआत में पुलिस इसे सड़क दुर्घटना मानकर चल रही थी, लेकिन बाद में सीसीटीवी फुटेज और जांच से स्पष्ट हुआ कि यह पूर्व नियोजित हत्या थी।
पुलिस के अनुसार तीन आरोपियों ने बाइक सवार देवेंद्र राजपूत का पीछा किया और जानबूझकर उनकी बाइक को पीछे से टक्कर मारी। टक्कर लगते ही वह सड़क पर गिर गए।

इसके बाद आरोपियों ने कार को पीछे (रिवर्स) किया और कई बार उनके ऊपर वाहन चढ़ाया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी फरार हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताई भयावह घटना
घटना स्थल के पास मौजूद एक गन्ने के रस के ठेले वाले के नाबालिग बेटे ने बताया कि पूरा घटनाक्रम बेहद तेज़ी से हुआ। उसके अनुसार बाइक को जानबूझकर टक्कर मारी गई और फिर कार को रिवर्स करके दो-तीन बार उस पर चढ़ाया गया।
एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी महिला Sunita Patel ने बताया कि घटना देखकर वह सदमे में चली गईं। उन्होंने कहा कि सड़क पर खून से लथपथ शव देखकर वह डर गईं और काफी देर तक सामान्य नहीं हो सकीं।
CCTV फुटेज से हुआ खुलासा
पुलिस अधीक्षक Anand Kaladgi ने बताया कि शुरुआत में मामला दुर्घटना जैसा लग रहा था, लेकिन CCTV फुटेज खंगालने के बाद सच्चाई सामने आई।
फुटेज में आरोपी घटना के बाद भागते हुए दिखाई दिए। जांच में पता चला कि वे घटना स्थल से कुछ दूरी पर कार छोड़कर अलग दिशा में फरार हो गए थे। लगभग एक किलोमीटर तक उनकी गतिविधि कैमरे में रिकॉर्ड हुई, जिसके बाद वे गायब हो गए।

पुलिस ने तकनीकी जांच और कॉल डिटेल्स के आधार पर दो आरोपियों वैभव और विशाल राजपूत को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।
आरोपियों और मृतक में था पारिवारिक संबंध
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी और मृतक आपस में मामा-भांजे के रिश्ते में थे। यही वजह है कि परिवारों में तनाव और विवाद लंबे समय से चला आ रहा था।
पंचायत चुनाव और पुरानी रंजिश बनी वजह
पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों परिवारों के बीच पंचायत चुनाव और स्थानीय राजनीतिक विवाद को लेकर 2011 से रंजिश चल रही थी।
जानकारी के अनुसार बरमांसा ग्राम पंचायत चुनाव में दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक टकराव हुआ था, जिसके बाद से आपसी संबंध बिगड़ते चले गए। समय-समय पर मारपीट और केस दर्ज होने की घटनाएं भी सामने आईं।
पुलिस का दावा: 15 मिनट में पूरी वारदात
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरी घटना महज 15 मिनट में अंजाम दी गई। आरोपी पहले से ही मृतक की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे और मौके का इंतजार कर रहे थे।

हत्या के बाद आरोपी कार छोड़कर फरार हो गए, जिसे बाद में पुलिस ने बरामद कर लिया।
आरोपियों का विवादित बयान
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपियों ने कहा— “हम राजपूत हैं, सम्मान के लिए लड़ते हैं।” इस बयान के बाद मामले ने सामाजिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर चर्चा तेज कर दी है।
पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या आरोपियों को किसी प्रकार की पूर्व योजना, समर्थन या उकसावे की भूमिका मिली थी।
परिवार में मातम और इलाके में तनाव

घटना के बाद मृतक के परिवार में गहरा शोक है। वहीं इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है। पुलिस ने एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है और लगातार निगरानी रखी जा रही है।
आगे की जांच जारी
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और फरार आरोपी की तलाश की जा रही है। साथ ही मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा और CCTV फुटेज के आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।
फिलहाल यह मामला एक राजनीतिक हत्या और पारिवारिक रंजिश दोनों पहलुओं से गंभीर माना जा रहा है, जिसकी जांच कई एंगल से की जा रही है।