मध्य प्रदेश पुलिस विभाग में एक बार फिर उच्च पदों पर “कार्यवाहक प्रभार” (Acting Charge) देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस संबंध में पुलिस मुख्यालय ने बुधवार को सभी पुलिस इकाइयों को निर्देश जारी किए हैं। करीब 11 महीने पहले यह व्यवस्था रोक दी गई थी, जिसे अब न्यायालय के आदेश के बाद पुनः लागू किया गया है।
यह फैसला मध्य प्रदेश के पुलिस प्रशासनिक ढांचे में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे खाली पड़े या अतिरिक्त जिम्मेदारी वाले उच्च पदों पर अस्थायी रूप से अधिकारियों की नियुक्ति संभव हो सकेगी।
पहले क्यों रोकी गई थी प्रक्रिया
पुलिस मुख्यालय के अनुसार, पहले यह प्रक्रिया मध्य प्रदेश पुलिस रेगुलेशन पैरा-72 के तहत चल रही थी, जिसके अंतर्गत उच्च पदों पर कार्यवाहक जिम्मेदारी दी जाती थी।
लेकिन 17 जून 2025 को राज्य सरकार की कैबिनेट द्वारा पदोन्नति के नए नियमों को मंजूरी मिलने और 19 जून 2025 को नियमित पदोन्नति की अधिसूचना जारी होने के बाद इस प्रक्रिया को अस्थायी रूप से रोक दिया गया था।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद फिर शुरू हुई व्यवस्था
अब जबलपुर उच्च न्यायालय के आदेश के बाद इस व्यवस्था को फिर से शुरू किया गया है। पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आदेश में बताया गया कि रिट याचिका संख्या 13393/2026 में 23 अप्रैल 2026 को दिए गए निर्णय के अनुसार कार्यवाहक प्रभार देने की प्रक्रिया पुनः शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस आदेश के अनुपालन में स्पेशल डीजी प्रशासन आदर्श कटियार ने सभी पुलिस इकाइयों को तत्काल प्रभाव से निर्देश जारी किए हैं।

क्या होता है कार्यवाहक प्रभार
कार्यवाहक प्रभार का मतलब है कि किसी वरिष्ठ पद पर नियमित नियुक्ति होने तक किसी अधिकारी को अस्थायी रूप से उस पद की जिम्मेदारी सौंप दी जाती है।
इस व्यवस्था के तहत संबंधित अधिकारी उस पद की प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाते हैं, लेकिन यह पदोन्नति की स्थायी नियुक्ति नहीं होती।
पुलिस विभाग पर क्या होगा असर
इस निर्णय के बाद पुलिस विभाग में कई खाली या आवश्यक उच्च पदों पर अस्थायी नियुक्तियां की जा सकेंगी। इससे प्रशासनिक कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे थानों, जिलों और रेंज स्तर पर कामकाज सुचारू रूप से चल सकेगा, खासकर उन जगहों पर जहां लंबे समय से वरिष्ठ अधिकारियों के पद खाली पड़े हैं।
प्रशासनिक व्यवस्था होगी मजबूत
इस प्रक्रिया के शुरू होने से विभाग में निर्णय लेने की गति तेज होगी और जिम्मेदारियों का बेहतर वितरण संभव होगा। साथ ही फील्ड में काम कर रहे अधिकारियों को अतिरिक्त अधिकार मिलने से कामकाज में भी सुधार आने की संभावना है।
हालांकि यह केवल अस्थायी व्यवस्था है, इसलिए स्थायी पदोन्नति के लिए अलग प्रक्रिया का पालन किया जाएगा।
पुलिस मुख्यालय ने सभी इकाइयों को निर्देश दिए हैं कि वे रिक्त पदों की पहचान कर कार्यवाहक प्रभार देने की प्रक्रिया जल्द शुरू करें। इससे राज्य पुलिस व्यवस्था को अधिक सक्रिय और प्रभावी बनाने की कोशिश की जाएगी।
इस फैसले को प्रशासनिक स्तर पर एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो लंबे समय से लंबित कार्यों को गति देने में मदद कर सकता है।