सागर। जिले में आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने पूरी तैयारी शुरू कर दी है। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने समय-सीमा बैठक के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ‘जलगंगा संवर्धन अभियान’ के तहत सभी जल संरचनाओं को तुरंत दुरुस्त किया जाए और तालाबों व बावड़ियों पर हुए अतिक्रमण को हटाया जाए। उन्होंने कहा कि वर्षा ऋतु से पहले जल स्रोतों की सफाई और पुनर्संरचना प्राथमिकता के साथ की जाए, ताकि जल संरक्षण को मजबूती मिल सके और भूजल स्तर में सुधार हो।
बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहें, बल्कि फील्ड पर जाकर कार्यों की निगरानी करें। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि तालाबों और जल स्रोतों पर हुए अवैध कब्जों को चिन्हित कर तत्काल हटाया जाए और जल संग्रहण क्षमता को बढ़ाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि भविष्य में जल संकट से बचाव के लिए भी आवश्यक है।

प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने के लिए कलेक्टर ने लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि विभिन्न आयोगों से प्राप्त पत्रों और सीएम मॉनिट से जुड़े प्रकरणों की रिपोर्ट हर हाल में 15 दिनों के भीतर भेजी जाए। साथ ही, सभी लंबित मामलों का निराकरण इसी सप्ताह करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि शासन स्तर पर कोई देरी न हो।
कार्यालयीन अनुशासन को लेकर भी कलेक्टर ने सख्ती दिखाई। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया कि वे सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक अनिवार्य रूप से कार्यालय में उपस्थित रहें। उन्होंने कहा कि शासकीय सेवकों को समय का विशेष ध्यान रखना चाहिए, विशेषकर सीएम हेल्पलाइन और जनहित से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

कृषि उपार्जन व्यवस्था की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर ने सभी एसडीएम को नियमित रूप से उपार्जन केंद्रों और मंडियों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परिवहन, तौल और स्टॉक से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी सामने नहीं आनी चाहिए। यदि कहीं अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने कुपोषण के मुद्दे पर भी गंभीरता दिखाई। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन ब्लॉकों में पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) अभी तक शत-प्रतिशत भरे नहीं हैं, वहां जिला कार्यक्रम अधिकारी स्वयं निगरानी करें। साथ ही, मैदानी अमले को घर-घर जाकर कुपोषित बच्चों की पहचान करने और उन्हें NRC में भर्ती कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार लाया जा सके।

बैठक में विवेक के.वी., राजकुमार खत्री, अविनाश रावत, गगन बिसेन सहित सभी एसडीएम और जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
कुल मिलाकर, कलेक्टर प्रतिभा पाल के निर्देशों से स्पष्ट है कि जिला प्रशासन मानसून से पहले हर स्तर पर तैयारी को लेकर गंभीर है। जल संरक्षण, प्रशासनिक दक्षता और जनहित के कार्यों में तेजी लाने के लिए यह बैठक महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।