सागर। डिजिटल इंडिया की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए सागर जिले की सुरखी नगर परिषद ने जनगणना 2027 के प्रारंभिक चरण में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी प्रतिभा पाल के मार्गदर्शन में सुरखी के सर्कल-01 (HLB-06) ने मात्र 4 दिनों में मकानों की गणना और डेटा प्रविष्टि का कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण कर लिया। यह उपलब्धि न केवल प्रशासनिक तत्परता का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि तकनीक और टीम वर्क के सही समन्वय से कठिन कार्य भी कम समय में सफलतापूर्वक पूरे किए जा सकते हैं।
नगर परिषद सुरखी द्वारा ‘HLO App’ के माध्यम से किए गए इस कार्य में गति और शुद्धता का विशेष ध्यान रखा गया। आमतौर पर मकान सूचीकरण की प्रक्रिया में काफी समय लगता है, लेकिन सुरखी की टीम ने इसे मिशन मोड में लेकर रिकॉर्ड समय में पूरा कर दिखाया। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज आंकड़ों के अनुसार क्षेत्र में कुल 190 भवनों की पहचान की गई, जिनमें 205 मकान (यूनिट) शामिल हैं। इनमें 137 आवासीय भवन, 63 गैर-आवासीय भवन और 5 रिक्त भवन दर्ज किए गए हैं।
इस उपलब्धि के पीछे फील्ड स्तर पर कार्यरत टीम की मेहनत और समर्पण महत्वपूर्ण रहा। चार्ज अधिकारी के.बी.एस. बघेल के नेतृत्व में पूरी टीम ने लक्ष्य तय कर उसे समय से पहले पूरा करने का संकल्प लिया। प्रगणक महेन्द्र सिंह ठाकुर ने घर-घर जाकर डेटा संकलन किया, जबकि सुपरवाइजर पुष्पेन्द्र सिंह दांगी ने तत्काल सत्यापन कर ऐप पर डेटा अपलोड सुनिश्चित किया। इस समन्वित प्रयास ने कार्य को तेज और त्रुटिहीन बनाया।

चार्ज अधिकारी के.बी.एस. बघेल ने बताया कि टीम का स्पष्ट लक्ष्य था कि कम समय में शत-प्रतिशत और त्रुटिरहित डेटा प्रविष्टि सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन और फील्ड स्टाफ की सक्रियता के कारण यह लक्ष्य निर्धारित समय से पहले ही हासिल कर लिया गया।
इस सफलता का श्रेय कलेक्टर प्रतिभा पाल द्वारा समय-समय पर दिए गए निर्देशों और निरंतर मॉनिटरिंग को भी जाता है। प्रशासन की सख्त निगरानी और स्पष्ट दिशा-निर्देशों ने कार्य की गति और गुणवत्ता दोनों को बनाए रखा। यही कारण है कि सुरखी नगर परिषद ने पूरे जिले में एक मिसाल कायम की है।
यह उपलब्धि अन्य नगरीय निकायों और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सकती है। इससे यह संदेश जाता है कि यदि कार्य को योजनाबद्ध तरीके से, तकनीक के सही उपयोग और टीम भावना के साथ किया जाए, तो सरकारी योजनाओं के लक्ष्यों को समय सीमा से पहले हासिल किया जा सकता है।
सुरखी नगर परिषद का यह प्रयास न केवल जनगणना 2027 की प्रक्रिया को गति देने वाला है, बल्कि यह प्रशासनिक दक्षता, पारदर्शिता और डिजिटल कार्यप्रणाली को भी मजबूती प्रदान करता है। आने वाले समय में यह मॉडल अन्य क्षेत्रों में भी लागू किया जा सकता है, जिससे पूरे जिले में जनगणना कार्य और अधिक प्रभावी और समयबद्ध तरीके से संपन्न हो सके।