मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि “भावान्तर भुगतान अन्नदाता के उत्थान का पर्याय है।” देवास से राज्यभर के किसानों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने 1 लाख 33 हजार सोयाबीन उत्पादक किसानों के खातों में 233 करोड़ रुपए की भावान्तर राशि अंतरित की। उन्होंने कहा कि यह हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है कि हमने जो कहा, वह करके दिखाया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने किसानों को उचित मूल्य दिलाने के लिए भावान्तर भुगतान योजना लागू की। पिछले वर्ष सोयाबीन का भाव ₹4800 प्रति क्विंटल था, जबकि इस वर्ष किसानों को ₹5300 से अधिक का मूल्य मिल रहा है, यानी ₹500 प्रति क्विंटल का अतिरिक्त लाभ।

🌾 15 दिन में निभाया वादा, किसानों में उत्साह
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने योजना की शुरुआत के केवल 15 दिन में ही वादा निभाया, जिससे किसानों में उत्साह की लहर है। भावान्तर योजना में इस बार 9 लाख से अधिक किसानों ने पंजीयन कराया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान 15 जनवरी तक मंडियों में सोयाबीन का विक्रय कर सकेंगे।
🏗️ देवास जिले को 183.25 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 183.25 करोड़ रुपए की लागत के विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। साथ ही जैविक खेती, कृषि यंत्रों, पीएमएफएमई और अन्य योजनाओं के अंतर्गत हितलाभ वितरण भी किया गया। उन्होंने कन्या पूजन से कार्यक्रम की शुरुआत की और कृषि यंत्र एवं जैविक खेती प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन किया।
💻 ई-मंडी पोर्टल से पारदर्शी खरीदी — कॉल सेंटर से किसानों की मदद
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे प्रदेश में 220 से अधिक मुख्य और 80 उप-मंडियों में खरीदी प्रक्रिया जारी है।
सभी रेट पारदर्शी रूप से ई-मंडी पोर्टल पर तय हो रहे हैं। किसानों का डेटा स्वतः दिख रहा है और राशि सीधे ऑनलाइन खाते में पहुंच रही है। पूरी प्रक्रिया की रियल टाइम एंट्री और सीसीटीवी निगरानी की जा रही है। किसानों की सुविधा के लिए भावान्तर कॉल सेंटर भी शुरू किया गया है।
🌱 कृषि आधारित उद्योग वर्ष और प्राकृतिक खेती पर जोर
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि वर्ष 2026 को “कृषि आधारित उद्योग वर्ष” के रूप में मनाया जाएगा। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे प्राकृतिक खेती अपनाकर ₹4000 प्रति एकड़ अनुदान का लाभ लें।
राज्य में डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के तहत डेयरी व्यवसाय शुरू करने वाले किसानों को ₹10 लाख तक की सब्सिडी दी जा रही है।
🔋 नरवाई से समाधान — कम्प्रेस्ड बायोगैस प्लांट का शुभारंभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि नरवाई की समस्या को दूर करने के लिए प्रदेश में कम्प्रेस्ड बायोगैस प्लांट लगाए जा रहे हैं। इससे न केवल पर्यावरण को लाभ मिलेगा बल्कि किसानों को अतिरिक्त आमदनी का स्रोत भी मिलेगा।
👩🌾 लाड़ली बहनों और किसानों को मिली दोहरी सौगात
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की लाड़ली बहनों को जारी की गई बढ़ी हुई राशि उनके आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने कहा — “भारत एकमात्र देश है जो मातृसत्ता को स्वीकार करता है, जहां देवियों का वास है वही देवास है।”
उन्होंने कहा कि देवास की नोट प्रेस भारत की आर्थिक पहचान है, लेकिन किसानों की उपज देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है।
🌾 ‘श्रीअन्न’ पर बोनस और गेहूं-धान उत्पादकों को राहत
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने कोदो-कुटकी (श्रीअन्न) पर ₹1000 प्रति क्विंटल बोनस की घोषणा की है।
धान और गेहूं उत्पादकों को भी बोनस का लाभ दिया गया है। सरकार ने संकल्प पत्र के वादे के अनुरूप लाड़ली बहना योजना की राशि बढ़ाकर ₹1500 की है। अब प्रदेशवासियों को हर 7 दिन में किसी न किसी योजना की राशि अंतरित की जाएगी।
🏅 औद्योगीकरण को मिला राष्ट्रीय सम्मान
मुख्यमंत्री ने बताया कि औद्योगिक विकास को प्रोत्साहन देने के लिए राज्य सरकार को केंद्र से 4 राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। यह प्रदेश की प्रगतिशील नीति का परिणाम है।
🌻 देवास जिले में सबसे अधिक पंजीयन — किसानों का आभार व्यक्त
कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा कि मध्यप्रदेश भावान्तर योजना लागू करने वाला देश का एकमात्र राज्य है। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार जनकल्याण को धरातल पर उतारने का काम कर रही है।
वहीं विधायक गायत्री राजे पंवार ने कहा कि देवास में भावान्तर योजना के लिए सबसे अधिक पंजीयन हुआ है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में किसानों, युवाओं और महिलाओं को लगातार सौगातें मिल रही हैं।
🙏 किसानों ने किया भव्य स्वागत
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के देवास पहुंचने पर किसान मोर्चा के पदाधिकारियों, किसानों और नागरिकों ने रोड शो के दौरान भव्य स्वागत किया।