सागर जिले में आपसी रंजिश के चलते घर में घुसकर मारपीट करने का मामला सामने आया है, जिसमें पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। विनायका थाना पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में कानून व्यवस्था को लेकर एक मजबूत संदेश गया है कि किसी भी प्रकार की हिंसा और आपराधिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पुलिस के अनुसार, यह घटना 25 फरवरी की रात की है, जब ग्राम डिलौना निवासी फरियादी बाबू लोधी अपने घर पर थे। उसी दौरान बाहर से गाली-गलौज और शोर-शराबे की आवाज आने लगी। कुछ ही देर में आरोपी आनंद लोधी, देव सिंह लोधी और धर्म लोधी ने फरियादी के घर के दरवाजे पर लात मारकर उसे जबरन खोल दिया और अंदर घुस गए।
घर में घुसते ही आरोपियों ने फरियादी के साथ मारपीट शुरू कर दी। आनंद और धर्म लोधी ने बाबू लोधी की कॉलर पकड़कर उन्हें जमीन पर गिरा दिया, जबकि देव सिंह लोधी ने धारदार हथियार से हमला किया, जिससे फरियादी के पैर में गंभीर चोट आई। अचानक हुए इस हमले से घर में अफरा-तफरी मच गई।
घटना के दौरान फरियादी का भतीजा जस्सू बचाने के लिए आगे आया, लेकिन आरोपियों ने उसके साथ भी बेरहमी से मारपीट की। इसी बीच अन्य आरोपी—हाकम लोधी, मुकुंदी लोधी और पहाड़ सिंह लोधी भी मौके पर पहुंच गए और उन्होंने भी घर में घुसकर मारपीट में हिस्सा लिया। सभी आरोपियों ने मिलकर फरियादी और उसके भतीजे पर लात-घूंसों से हमला किया।

हंगामा बढ़ता देख आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव कर किसी तरह स्थिति को शांत कराया। घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
घटना के बाद सभी आरोपी फरार हो गए थे, जिनकी तलाश पुलिस लगातार कर रही थी। पुलिस टीम ने मुखबिर तंत्र और तकनीकी साधनों की मदद से आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की। मंगलवार को आरोपियों के गांव के पास होने की सूचना मिलने पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दबिश दी और सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में आनंद उर्फ अनंत लोधी, हाकम लोधी, धर्मराज लोधी, मुकुंदी लोधी, पहाड़ सिंह लोधी और देवी सिंह लोधी शामिल हैं, जो सभी ग्राम डिलौना के निवासी हैं। पुलिस ने आरोपियों को थाने लाकर पूछताछ की और आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया।
विनायका थाना प्रभारी भूपेंद्र विश्वकर्मा ने बताया कि आरोपियों को बंडा न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें उपजेल बंडा भेज दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार की घटनाओं पर पुलिस सख्ती से कार्रवाई कर रही है और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
यह घटना दर्शाती है कि आपसी रंजिश किस तरह हिंसक रूप ले सकती है और लोगों की जान को खतरे में डाल सकती है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से न केवल आरोपियों को कानून के शिकंजे में लाया गया, बल्कि क्षेत्र में सुरक्षा का माहौल भी मजबूत हुआ है।
प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि किसी भी विवाद की स्थिति में कानून का सहारा लें और हिंसा से दूर रहें। इस मामले में पुलिस की सक्रियता और समय पर की गई कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित किया है कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है।