ग्वालियर में कुछ दिन पहले जिन बदमाशों ने गोलियां चलाकर दहशत फैलाई थी, वही आरोपी अब पुलिस के सामने हाथ जोड़कर माफी मांगते नजर आए। माधौगंज थाना पुलिस ने फायरिंग करने वाले तीन इनामी बदमाशों को गिरफ्तार करने के बाद उन्हें उसी इलाके में पैदल घुमाया, जहां उन्होंने वारदात को अंजाम दिया था। इस दौरान बदमाश लंगड़ाते हुए, सिर झुकाकर चलते दिखाई दिए और बार-बार यही कहते रहे—“साहब, अब अपराध नहीं करेंगे।”
यह पूरा घटनाक्रम गुढ़ा क्षेत्र स्थित इन्द्रलोक गार्डन के पीछे का है, जहां 26 अप्रैल को मामूली विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया था। जानकारी के अनुसार, पप्पू राजावत का अपने पड़ोसी से झगड़ा हुआ था। इसी बीच कैंडी उर्फ तुषार तिवारी अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचा और विवाद बढ़ गया। देखते ही देखते मारपीट शुरू हो गई और फिर आरोपियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर इलाके में दहशत फैला दी।
घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए हत्या के प्रयास समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया और आरोपियों की तलाश शुरू की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा तीनों मुख्य आरोपियों पर 5-5 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था।

कड़ी तलाश के बाद पुलिस ने बेटू उर्फ कुनाल चौरसिया, कैंडी उर्फ तुषार तिवारी और दीपू उर्फ दीप राठौर को गिरफ्तार कर लिया। खास बात यह रही कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक दरोगा का भतीजा भी शामिल है, जिससे यह मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों को सीन रिक्रिएशन के लिए उसी स्थान पर ले जाया, जहां उन्होंने फायरिंग की थी। इस दौरान पुलिस ने उन्हें पैदल इलाके में घुमाया। जिन गलियों में कुछ दिन पहले ये बदमाश गोलियां चला रहे थे, उन्हीं गलियों में अब वे झुके सिर और लड़खड़ाते कदमों से चलते नजर आए। इलाके के लोगों ने भी यह दृश्य देखा, जिससे उनके मन में बैठा डर काफी हद तक कम हुआ।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य सिर्फ जांच नहीं, बल्कि आम जनता में कानून का भरोसा कायम करना और अपराधियों में डर पैदा करना था। जब बदमाशों को इलाके में घुमाया गया, तो वे बार-बार हाथ जोड़कर माफी मांगते रहे और भविष्य में अपराध न करने की बात कहते नजर आए।
गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी काफी लंबा है। बेटू चौरसिया पर मारपीट और हत्या के प्रयास सहित करीब 7 मामले दर्ज हैं। वहीं कैंडी तिवारी पर भी इसी तरह के 8 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। दीपू राठौर के खिलाफ भी करीब 7 मामले विभिन्न थानों में दर्ज हैं। इससे साफ है कि ये आरोपी पहले से ही अपराध की दुनिया में सक्रिय थे।

माधौगंज थाना प्रभारी ने बताया कि तीनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन इस घटना में शामिल अन्य बदमाश अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और जल्द ही बाकी आरोपियों को भी पकड़ने का दावा कर रही है।
इस कार्रवाई के बाद ग्वालियर में पुलिस की सख्ती का संदेश साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। जिस तरह से आरोपियों को उसी इलाके में ले जाकर जुलूस निकाला गया, उसने यह स्पष्ट कर दिया कि अब अपराधियों के लिए कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।
कुल मिलाकर, यह घटना एक तरफ जहां अपराधियों के हौसले पस्त करने वाली है, वहीं दूसरी तरफ आम जनता के लिए राहत भरी खबर भी है। पुलिस की इस कार्रवाई से लोगों में यह विश्वास मजबूत हुआ है कि कानून का राज कायम है और अपराध करने वालों को आखिरकार सजा जरूर मिलती है।