सागर शहर के गोपालगंज स्थित मुक्तिधाम परिसर में स्वच्छता और सामाजिक जागरूकता का एक सराहनीय उदाहरण सामने आया, जब संकल्प फाउंडेशन ने यहां व्यापक सफाई अभियान चलाकर एक सकारात्मक संदेश दिया। संस्था के अध्यक्ष रिशांक तिवारी के नेतृत्व में आयोजित इस अभियान में बड़ी संख्या में युवाओं, कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया। सभी ने मिलकर श्रमदान किया और मुक्तिधाम परिसर को साफ-सुथरा और व्यवस्थित बनाने का प्रयास किया।
दरअसल, पिछले कुछ समय से गोपालगंज मुक्तिधाम परिसर में गंदगी और अव्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों में असंतोष बढ़ रहा था। यह स्थान अंतिम संस्कार जैसे अत्यंत संवेदनशील और भावनात्मक कार्यों के लिए उपयोग में आता है, लेकिन यहां फैली गंदगी के कारण लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा था। कई बार इस मुद्दे को लेकर स्थानीय स्तर पर आवाज भी उठाई गई, लेकिन स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया। ऐसे में नागरिकों ने संकल्प फाउंडेशन से संपर्क कर इस समस्या के समाधान के लिए पहल करने का आग्रह किया।

स्थिति की गंभीरता को समझते हुए संकल्प फाउंडेशन ने इसे अपनी सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में स्वीकार किया और तुरंत स्वच्छता अभियान की योजना बनाई। तय समय पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और युवा मुक्तिधाम परिसर पहुंचे और सफाई कार्य में जुट गए। अभियान के दौरान परिसर में फैले कचरे को हटाया गया, झाड़ू लगाई गई और आसपास के क्षेत्र को व्यवस्थित किया गया। सफाई के बाद मुक्तिधाम का स्वरूप पूरी तरह बदला हुआ नजर आया, जिससे वहां आने वाले लोगों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
इस मौके पर संस्था के अध्यक्ष रिशांक तिवारी ने कहा कि “मुक्तिधाम केवल एक स्थान नहीं, बल्कि हमारे समाज का एक अत्यंत संवेदनशील और सम्मानित हिस्सा है। यहां की स्वच्छता और व्यवस्था बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। केवल प्रशासन पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है, जब तक समाज स्वयं आगे आकर अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाएगा, तब तक स्थायी समाधान संभव नहीं हो सकता।” उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के अभियानों का उद्देश्य केवल सफाई करना नहीं, बल्कि लोगों में जागरूकता पैदा करना भी है।
अभियान में शामिल युवाओं का उत्साह भी देखने लायक था। उन्होंने पूरे जोश और समर्पण के साथ सफाई कार्य में भाग लिया। कई युवाओं ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम उन्हें समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने और उसे निभाने का अवसर देते हैं। उनका मानना है कि अगर हर व्यक्ति अपने आसपास के क्षेत्र की साफ-सफाई का ध्यान रखे, तो शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सकता है।
इस अभियान में शुभम नामदेव, गणेश सेन, नीरज करोसिया, विशाल तोमर, शुभम पहलवान, स्वराज उपाध्याय, मोनू लारिया, कार्तिक जाटव, कमलेन्द्र जाटव, हिमांशु साहू, लव कुमार, राजा जाटव और ध्रुव मिश्रा सहित कई अन्य कार्यकर्ता, सफाई मित्र और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने एकजुट होकर कार्य किया और यह संदेश दिया कि सामूहिक प्रयासों से किसी भी समस्या का समाधान संभव है।

स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना की और कहा कि इस तरह के अभियान समय-समय पर होते रहने चाहिए। उनका मानना है कि इससे न केवल स्वच्छता बनी रहती है, बल्कि लोगों में जागरूकता भी बढ़ती है। कई नागरिकों ने यह भी सुझाव दिया कि प्रशासन को भी इस दिशा में नियमित रूप से ध्यान देना चाहिए और मुक्तिधाम जैसे स्थानों की साफ-सफाई सुनिश्चित करनी चाहिए।
विशेषज्ञों का कहना है कि स्वच्छता केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। जब तक समाज के सभी वर्ग इसमें सक्रिय भागीदारी नहीं करेंगे, तब तक स्थायी बदलाव संभव नहीं है। संकल्प फाउंडेशन का यह प्रयास इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, गोपालगंज मुक्तिधाम में चलाया गया यह स्वच्छता अभियान न केवल एक सफाई कार्यक्रम था, बल्कि यह समाज में जागरूकता और जिम्मेदारी का संदेश देने वाला एक प्रभावशाली प्रयास भी था। इस पहल ने यह साबित कर दिया कि अगर लोग मिलकर काम करें, तो किसी भी समस्या का समाधान संभव है। आने वाले समय में इस तरह के और भी प्रयास किए जाएं, तो निश्चित रूप से सागर शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने का सपना साकार हो सकता है।