सागर। जिले में यातायात व्यवस्था को सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा निर्णय लिया है। कलेक्टर प्रतिभा पाल के निर्देशन में आयोजित बैठक में तय किया गया कि 8 मई से भोपाल जाने वाली बसें अब मोतीनगर के नए बस स्टैंड से भी संचालित होंगी। इसके साथ ही राहतगढ़ बस स्टैंड को पूरी तरह बंद करने का निर्णय लिया गया है।

यह निर्णय जिला प्रशासन और बस ऑपरेटर संघ की संयुक्त बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया। बैठक में नगर निगम कमिश्नर राजकुमार खत्री, अपर कलेक्टर अविनाश रावत, सिटी मजिस्ट्रेट गगन बिसेन, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी मनोज तिगुरिया सहित बस ऑपरेटर संघ के पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि शहर में बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए बस संचालन को अधिक व्यवस्थित करना आवश्यक है।
निर्णय के अनुसार, भोपाल की ओर जाने वाली सभी बसें अब अपने निर्धारित समय पर मोतीनगर नए बस स्टैंड पर पहुंचकर यात्रियों को लेकर रवाना होंगी। इससे यात्रियों को एक ही स्थान से बेहतर और संगठित परिवहन सुविधा मिलेगी। नया बस स्टैंड आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा, जिससे यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

यातायात के बढ़ते दबाव और व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से राहतगढ़ बस स्टैंड को पूर्ण रूप से बंद करने का निर्णय लिया गया है। वहां से संचालित होने वाली सभी बसें अब मोतीनगर नए बस स्टैंड से ही चलेंगी। इस कदम से शहर के भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में ट्रैफिक का दबाव कम होने की उम्मीद है।
बस ऑपरेटर संघ की मांग पर प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मोतीनगर बस स्टैंड पर सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिनमें साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था, यात्री प्रतीक्षालय, टिकट काउंटर और सुरक्षा व्यवस्था शामिल हैं।
नए बस स्टैंड परिसर में सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सीसीटीवी कैमरों से निगरानी, अस्थायी पुलिस चौकी की स्थापना और यातायात पुलिस व जिला पुलिस के जवानों की तैनाती की जाएगी, जिससे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
इस फैसले से सागर शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। बसों का संचालन एक ही स्थान से होने से अव्यवस्था कम होगी और यात्रियों को भी बेहतर सुविधा मिलेगी। जिला प्रशासन का यह निर्णय शहर के दीर्घकालिक विकास और यातायात सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, और मोतीनगर नया बस स्टैंड आने वाले समय में सागर का प्रमुख परिवहन केंद्र बन सकता है।