मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ममता तिमोरी ने बताया कि जिले में ग्राम स्तर पर उल्टी-दस्त के मरीजों के उपचार और नियंत्रण के लिए जिला एवं ब्लॉक स्तरीय स्वास्थ्य टीमें लगातार सक्रिय हैं। स्वास्थ्य अमले द्वारा घर-घर सर्वे, मरीजों की पहचान, और ओआरएस, जिंक तथा क्लोरीन की गोलियों का वितरण किया जा रहा है। साथ ही, जल शुद्धिकरण का कार्य भी निरंतर जारी है ताकि संक्रमण के प्रसार को रोका जा सके।

डॉ. तिमोरी ने बताया कि ग्राम में 22 प्रभावित परिवारों का सर्वे किया गया, जहां बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की टीम ने जाकर प्रभावित मरीजों के सैंपल कलेक्ट किए। टीम ने 19 मरीजों का उपचार भी किया और संक्रमण के संभावित कारणों की जांच की।
एसडीएम देवरी एवं उनकी टीम ने ग्रामवासियों को एकत्रित कर व्यक्तिगत स्वच्छता, साफ-सुथरे भोजन और शुद्ध पेयजल के महत्व के बारे में विस्तृत समझाइश दी। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे उबला हुआ या क्लोरीनयुक्त पानी ही पिएँ और खुले में भोजन या जल को न रखें।

बीएमओ देवरी के निर्देशानुसार स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की ड्यूटी रोस्टर अनुसार लगाई गई है, ताकि हर समय चिकित्सा सहायता उपलब्ध रहे। इसके साथ ही राजस्व विभाग, पंचायत विभाग और ग्रामीण विकास विभाग मिलकर पूरे क्षेत्र में सतत निगरानी रखे हुए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की टीमों में चिकित्सा अधिकारी, बीसीएम, सुपरवाइजर, एएनएम, एमपीडब्ल्यू, आशा कार्यकर्ता और अन्य सहयोगी पूरी निष्ठा के साथ कार्य कर रहे हैं। आमजन को भी स्वच्छता अपनाने और संक्रमित व्यक्तियों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।
डॉ. ममता तिमोरी ने कहा कि “प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। जरूरत पड़ने पर मरीजों को जिला अस्पताल सागर भी रेफर किया जा रहा है। स्थिति नियंत्रण में है, और स्वास्थ्य दल दिन-रात राहत कार्य में जुटे हुए हैं।”