मध्य प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री, पूर्व सांसद और खुरई विधायक श्री भूपेंद्र सिंह ने आज सागर के राजीव नगर वार्ड स्थित मां हरसिद्धि बाघराज मंदिर में पहुंचकर मां हरसिद्धि के दर्शन किए। इस अवसर पर उन्होंने मंदिर परिसर में आयोजित भव्य चुनरी यात्रा में भी हिस्सा लिया। यह आयोजन नवरात्रि के पावन पर्व के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय निवासी शामिल हुए। श्री भूपेंद्र सिंह के इस दौरे ने क्षेत्र में धार्मिक और सामाजिक एकता को और सुदृढ़ करने का कार्य किया।

मां हरसिद्धि बाघराज मंदिर में दर्शन
नवरात्रि के पावन अवसर पर मां हरसिद्धि बाघराज मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र रहा। श्री भूपेंद्र सिंह सुबह मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने विधि-विधान से मां हरसिद्धि की पूजा-अर्चना की। मंदिर के पुजारी और प्रबंधन समिति के सदस्यों ने उनका स्वागत किया। पूजा के दौरान श्री सिंह ने मां के समक्ष माथा टेका और क्षेत्र की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। उन्होंने मंदिर में मां हरसिद्धि को चुनरी अर्पित की और दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की।
श्री भूपेंद्र सिंह ने इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा, “मां हरसिद्धि की कृपा से सागर का यह क्षेत्र सदा सुख और शांति का प्रतीक रहा है। नवरात्रि का यह पावन पर्व हमें माता की भक्ति और शक्ति के प्रति अपनी आस्था को और गहरा करने का अवसर प्रदान करता है।” उन्होंने मंदिर की ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह मंदिर न केवल आध्यात्मिक केंद्र है, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत का भी प्रतीक है।

चुनरी यात्रा में उत्साहपूर्ण भागीदारी
मां हरसिद्धि बाघराज मंदिर से शुरू हुई चुनरी यात्रा में श्री भूपेंद्र सिंह ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। यह यात्रा मंदिर परिसर से शुरू होकर राजीव नगर वार्ड के विभिन्न मार्गों से होती हुई पुनः मंदिर पर समाप्त हुई। यात्रा में सैकड़ों श्रद्धालु, विशेष रूप से महिलाएं और युवा, मां के जयकारों के साथ शामिल हुए। माता की चुनरी को भक्तों ने कंधों पर उठाकर भक्ति-भाव से यात्रा पूरी की। ढोल-नगाड़ों और भजनों की मधुर स्वरलहरियों ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया।
यात्रा के दौरान श्री भूपेंद्र सिंह ने स्थानीय निवासियों के साथ कदम से कदम मिलाकर चलते हुए उनके साथ बातचीत की। उन्होंने कहा, “चुनरी यात्रा मां की भक्ति और सामुदायिक एकता का अनुपम उदाहरण है। इस तरह के आयोजन हमारे समाज को जोड़ने और संस्कृति को जीवंत रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।” उन्होंने स्थानीय आयोजकों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस तरह के धार्मिक आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

सामाजिक और धार्मिक एकता पर जोर
श्री भूपेंद्र सिंह ने अपने संबोधन में सामाजिक एकता और धार्मिक सहिष्णुता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि नवरात्रि का पर्व हमें न केवल माता की भक्ति में लीन होने का अवसर देता है, बल्कि यह भी सिखाता है कि हमें समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलना है। उन्होंने मंदिर समिति और स्थानीय निवासियों से अपील की कि वे इस तरह के आयोजनों को और भव्य रूप में आयोजित करें, ताकि अधिक से अधिक लोग इससे जुड़ सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश सरकार धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। “हमारी सरकार का उद्देश्य है कि हर व्यक्ति अपनी आस्था और परंपराओं को स्वतंत्र रूप से जी सके। मां हरसिद्धि बाघराज मंदिर जैसे धार्मिक स्थल हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं, जिन्हें संरक्षित और प्रचारित करने की आवश्यकता है,” श्री सिंह ने जोर देकर कहा।
स्थानीय निवासियों का उत्साह
चुनरी यात्रा और श्री भूपेंद्र सिंह के दर्शन के दौरान स्थानीय निवासियों में अपार उत्साह देखा गया। कई श्रद्धालुओं ने उनके साथ सेल्फी ली और उनके इस दौरे को यादगार बताया। एक स्थानीय निवासी श्रीमती राधा तिवारी ने कहा, “श्री भूपेंद्र सिंह जी का यहां आना और माता के दर्शन करना हमारे लिए गर्व की बात है। उनकी उपस्थिति से यात्रा और भी भव्य हो गई।”
युवा श्रद्धालु रोहित प्रजापति ने कहा, “हमारे विधायक जी का इस तरह धार्मिक आयोजनों में हिस्सा लेना हमें प्रेरणा देता है। यह दर्शाता है कि वे न केवल राजनीतिक रूप से सक्रिय हैं, बल्कि हमारी संस्कृति और परंपराओं के प्रति भी समर्पित हैं।”
मंदिर समिति की भूमिका
मां हरसिद्धि बाघराज मंदिर समिति ने इस आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समिति के अध्यक्ष श्री रामकुमार पटेल ने बताया कि नवरात्रि के दौरान मंदिर में विभिन्न धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं, जिनमें भजन-कीर्तन, हवन और माता की विशेष पूजा शामिल हैं। उन्होंने श्री भूपेंद्र सिंह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके दर्शन और सहभागिता से श्रद्धालुओं का उत्साह दोगुना हो गया है।
नवरात्रि के महत्व पर प्रकाश
श्री भूपेंद्र सिंह ने अपने संबोधन में नवरात्रि के महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि यह पर्व शक्ति की उपासना का प्रतीक है, जो हमें जीवन में साहस, धैर्य और भक्ति की प्रेरणा देता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे माता की भक्ति के साथ-साथ समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण में भी योगदान दें।