सागर में “योर हेल्थ, योर प्राइस” कार्यक्रम का आयोजन !

Spread the love

खाद्य एवं औषधि प्रशासन मध्यप्रदेश के तत्वावधान में द प्राइस मॉनिटरिंग एंड रिसोर्स यूनिट (PMRU) मध्यप्रदेश, भोपाल द्वारा शनिवार, 27 सितंबर 2025 को सरकारी जिला अस्पताल सागर में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन तक सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और प्रभावशील दवाओं की उपलब्धता और उनके सही मूल्य की जानकारी पहुंचाना था।

कार्यक्रम का नेतृत्व और मार्गदर्शन

कार्यक्रम श्री दिनेश मौर्य, नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन (म.प्र.) के निर्देशन में और श्री शोभित, उप औषधि नियंत्रक के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में डॉ. प्रीति तागड़े, प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर ने उपस्थित लोगों को दवाओं की गुणवत्ता, उपलब्धता और सामर्थ्य के विषय में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पीएमआरयू का मुख्य कार्य दवाओं की कीमतों की निगरानी करना, उनकी उपलब्धता सुनिश्चित करना और उपभोक्ताओं में जागरूकता बढ़ाना है।

एनपीपीए और पीएमआरयू की गतिविधियाँ

कार्यक्रम में नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) और पीएमआरयू द्वारा की गई गतिविधियों पर प्रकाश डाला गया। इसके तहत फार्मा व्यवसाय में बेईमान तत्वों द्वारा अत्यधिक मूल्य निर्धारण की घटनाओं को उजागर करने और उसे नियंत्रित करने के लिए आवश्यक तंत्र और दृष्टिकोण पर चर्चा की गई।

आमजन और अस्पताल स्टाफ के लिए जानकारी

श्रीमती सोनम जैन, औषधि निरीक्षक, जिला सागर ने दवाओं की सामर्थ्य और उपलब्धता के बारे में जानकारी दी ताकि आमजन इसका लाभ ले सकें और सही मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण दवाएं प्राप्त कर सकें। इस अवसर पर डॉ. जयंत रामसिया, सिविल सर्जन, सरकारी जिला अस्पताल सागर ने कार्यक्रम की सराहना की और कहा कि फार्मा व्यवसाय में उपभोक्ता संबंधी मुद्दों पर व्यापक जागरूकता उत्पन्न करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जोर दिया कि भविष्य में ऐसे जागरूकता अभियानों को नियमित और सुचारू रूप से आयोजित किया जाएगा।

अस्पताल स्टाफ और मरीजों की भागीदारी

कार्यक्रम के दौरान फार्मासिस्ट मोनिका अवस्थी, अनिरुद्ध गुप्ता, इमरान खान, लखन चढ़ाद, प्रियंका तिवारी, भीकाम सिंग लोधी और अन्य अस्पताल स्टाफ उपस्थित रहे। साथ ही कई मरीजों और उनके परिजनों ने भी इस कार्यक्रम में भाग लेकर दवाओं की गुणवत्ता और मूल्य निर्धारण के बारे में जानकारी प्राप्त की।

उद्देश्य और महत्व

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि सामाजिक रूप से सभी लोग सुरक्षित और उचित मूल्य वाली दवाओं तक पहुंच सकें। इसके अलावा, उपभोक्ताओं को शिक्षित कर यह संदेश देना कि वे किसी भी फार्मा व्यवसाय में अनुचित मूल्य निर्धारण की शिकायत करने के लिए सक्षम हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *