महिलाओं के स्वास्थ्य और सशक्तिकरण पर जोर !

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स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार” अभियान के अंतर्गत बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज, सागर एवं राष्ट्रीय सेविका समिति के संयुक्त प्रयास से 29 सितम्बर 2025 को प्रातः 11 बजे शिवाजी वार्ड, रिमझिरिया (सागर) में एक दिवसीय स्वास्थ्य परीक्षण एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर महिलाओं के स्वास्थ्य, स्वच्छता और सशक्तिकरण के प्रति जन-जागरूकता का महत्वपूर्ण प्रयास साबित हुआ।

प्रमुख हस्तियों की सहभागिता

इस शिविर में बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज की चिकित्सा टीम ने सक्रिय भूमिका निभाई।

  • डीन डॉ. पी. एस. ठाकुर
  • अधीक्षक डॉ. राजेश जैन
  • वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीमती वर्षा ठाकुर
  • स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. शीला जैन
  • वरिष्ठ मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. दिव्याशीष विश्वास
  • डॉ. सत्येन्द्र उइके, डॉ. सौरभ जैन
  • सहायक अधीक्षक डॉ. एस. पी. सिंह
    साथ ही संबंधित विभागों के पी.जी. छात्र-छात्राएँ भी उपस्थित रहे और उन्होंने शिविर में आने वाले मरीजों की चिकित्सा एवं परामर्श में सहयोग दिया।

शिविर की गतिविधियाँ

शिविर में लगभग 60-70 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। महिलाओं एवं आम नागरिकों को रक्तचाप, मधुमेह, स्त्री रोग, एनीमिया और सामान्य बीमारियों की जाँच उपलब्ध कराई गई। साथ ही, लोगों को स्वच्छता, संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और जीवनशैली सुधार के महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई।

वक्ताओं के विचार

  • डीन डॉ. पी. एस. ठाकुर ने इस पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि “महिलाओं का स्वास्थ्य ही परिवार और समाज की नींव है। भविष्य में भी इस प्रकार के शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हों।”
  • वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीमती वर्षा ठाकुर ने उपस्थित महिलाओं को नारी सशक्तिकरण और नारीशक्ति के महत्व पर सरल और प्रभावी ढंग से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि “सशक्त नारी ही परिवार और समाज को मजबूत आधार देती है।”
  • डॉ. शीला जैन ने महिलाओं में होने वाली सामान्य बीमारियों, उनसे बचाव के उपाय और समय पर उपचार के महत्व पर प्रकाश डाला।
  • अधीक्षक डॉ. राजेश जैन ने राष्ट्रीय सेविका समिति को सहयोग के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि समिति द्वारा महिलाओं के स्वास्थ्य और कल्याण के लिए किए जा रहे कार्य समाज के लिए प्रेरणादायी हैं।

सामुदायिक स्वास्थ्य जागरूकता की दिशा में कदम

शिविर ने न केवल स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराईं बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर और जागरूक बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया कि वे स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी आदतों को जीवन का हिस्सा बनाएंगे और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे।

यह आयोजन महिला स्वास्थ्य एवं सशक्तिकरण के साथ-साथ सामुदायिक स्वास्थ्य जागरूकता की दिशा में एक सार्थक और ऐतिहासिक कदम के रूप में देखा जा रहा है।

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