सागर। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जमुनिया चिखली में गीता जयंती के पावन अवसर पर विशेष आयोजन किया गया। संस्कृति विभाग, मध्यप्रदेश शासन के आदेश और कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. के निर्देशानुसार, छात्रों और शिक्षकों ने विद्यालय परिसर के औषधि गार्डन में गीता के 15वें अध्याय का सामूहिक वाचन किया। श्लोकों की गूँज से पूरा वातावरण भक्तिमय और आध्यात्मिक हो गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ पंडित श्री मोहित वैद्य द्वारा सरस्वती वंदना और मंत्रोपचार से किया गया। वरिष्ठ शिक्षक श्री अरुण कुमार दुबे ने छात्रों को गीता पाठ की महत्ता और जीवन-दर्शन पर विस्तृत जानकारी दी। मुख्य वाचन कुमारी अंजलि दांगी ने प्रस्तुत किया, जिसमें सभी छात्र और शिक्षक सम्मिलित होकर श्लोकों का उच्चारण कर रहे थे।

कार्यक्रम प्रभारी श्री संजय तिवारी ने कहा कि गीता केवल ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन की दिशा देने वाला मार्गदर्शक है। प्राचार्य श्री भरत सिंह परिहार ने छात्रों को गीता के विभिन्न अध्यायों का नियमित अभ्यास करने और उसके उपदेशों—सत्य, संयम, कर्तव्य-पालन और सदाचार—का पालन करने हेतु प्रेरित किया।
आयोजन को सफल बनाने में श्री ओम नारायण सिंह, श्री नारायण सिंह ठाकुर, श्री इंद्रपाल सिंह लोधी, श्री पृथ्वीराज सिंह यादव सहित शिक्षकों और सहयोगी स्टाफ ने व्यवस्था सुनिश्चित की। कार्यक्रम के समापन पर छात्रों को प्रसाद वितरण किया गया और उन्हें गीता के उपदेशों का पालन करने का संकल्प दिलाया गया।
यह कार्यक्रम छात्रों में आध्यात्मिक चेतना, नैतिक मूल्य और जीवन-दर्शन को आत्मसात करने की भावना को बढ़ावा देने वाला साबित हुआ।