सागर में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव: आध्यात्म, शिक्षा और संस्कृति का अद्भुत संगम !

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सागर। 01 दिसंबर 2025 को सागर जिले के वृंदावन बाग मंदिर परिसर में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का भव्य आयोजन संपन्न हुआ, जिसमें राज्य शासन के भागीरथी प्रयासों ने आध्यात्मिक ऊर्जा और ज्ञान का अद्भुत संचार किया। महोत्सव में तीन हजार से अधिक गीता पाठी शामिल हुए, जिन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता के 15वें अध्याय का सस्वर वाचन किया। कार्यक्रम के दौरान गीता ज्ञान के महत्व, जीवन-दर्शन और आचरण में अनुशासन का संदेश उपस्थित जनसमूह तक पहुंचाया गया।

आध्यात्मिक नेतृत्व और संदेश
महंत श्री नरहरि दास ने कहा कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा गीता जयंती के अवसर पर आयोजित यह आयोजन राज्यवासियों को आध्यात्म की ओर ले जाने वाला भागीरथी प्रयास है। उन्होंने कहा कि गीता अध्ययन से व्यक्ति विषम परिस्थितियों में धैर्य और संयम सीखता है तथा धर्म को आत्मसात कर जीवन में सफलता पाता है।

जिला पंचायत अध्यक्ष श्री हीरा सिंह राजपूत ने कहा कि गीता का ज्ञान अश्वरता, अभिमान और आतंक का अंत करने का सबसे बड़ा हथियार है। उन्होंने बताया कि गीता का अध्ययन केवल व्यक्तिगत विकास के लिए नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए आवश्यक है।

सांसद श्रीमती लता वानखेड़े ने गीता को जीवन जीने की कला सिखाने वाला सार्वभौमिक ज्ञान बताया। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र में श्रीकृष्ण ने अर्जुन को ज्ञान देकर युद्ध जीता और आज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा प्रदेश में गीता का सस्वर वाचन कराकर मध्यप्रदेश को विकसित एवं आध्यात्मिक प्रदेश बनाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने गीता को जीवन में उतारने की आवश्यकता पर जोर दिया।

महत्वपूर्ण अतिथि और प्रशासनिक सहभागिता
इस अवसर पर महापौर संगीता सुशील तिवारी, संभाग कमिश्नर श्री अनिल सुचारी, पुलिस महानिरीक्षक श्रीमती हिमानी खन्ना, कलेक्टर श्री संदीप जी आर, पुलिस अधीक्षक श्री विकास शाहवाल, जिला पंचायत सीईओ श्री विवेक केवी, नगर निगम कमिश्नर श्री राजकुमार खत्री, अपर कलेक्टर श्री अविनाश रावत, शिक्षा एवं संस्कृति विभाग के अनेक अधिकारी एवं गीता शिक्षाविद उपस्थित रहे।

तीन दिवसीय प्रदर्शनी का उद्घाटन
अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के अवसर पर जिला प्रशासन एवं संस्कृति विभाग के निर्देशानुसार वृंदावन बाग मंदिर परिसर में गीता के उपदेशों और चित्रों पर आधारित तीन दिवसीय भव्य प्रदर्शनी का उद्घाटन महंत श्री नरहरिदास, सांसद श्रीमती लता वानखेड़े, महापौर संगीता तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री हीरा सिंह राजपूत और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस प्रदर्शनी में गीता के उपदेश, चित्र, जीवन-मूल्य और आदर्श प्रस्तुत किए गए।

विद्यार्थियों और युवाओं की सहभागिता
प्रदर्शनी और वाचन कार्यक्रम में स्कूल और कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया। सरस्वती शिशु मंदिर, संस्कृत विद्यालय और अन्य शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों ने गीता पाठ किया, जिससे युवा पीढ़ी को गीता का ज्ञान और नैतिक मूल्य आत्मसात करने का अवसर मिला।

गीता से जीवन का मार्गदर्शन
कार्यक्रम प्रभारी श्री संजय तिवारी और विद्यालय प्राचार्य, पंडित, शिक्षकों ने विद्यार्थियों को गीता के संदेश—सत्य, संयम, कर्तव्यपालन और सदाचार—को अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया। उपस्थित नागरिकों को भी गीता अध्ययन के महत्व और जीवन में इसे लागू करने का संदेश दिया गया।

समाज में आध्यात्मिक एवं नैतिक चेतना का सशक्त प्रसार
महोत्सव के दौरान सभी उपस्थित अतिथियों ने कहा कि गीता का अध्ययन केवल धार्मिक क्रिया नहीं, बल्कि यह जीवन जीने का वैज्ञानिक और नैतिक मार्ग है। गीता अध्ययन से व्यक्ति न केवल अपने व्यक्तित्व का विकास करता है, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में भी सक्षम होता है।


इस प्रकार सागर में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव राज्य शासन, जिला प्रशासन, धार्मिक संप्रदायों और नागरिकों के संयुक्त प्रयासों का उत्कृष्ट उदाहरण साबित हुआ। तीन दिवसीय महोत्सव न केवल गीता के उपदेशों को जन-जन तक पहुँचाने में सफल रहा, बल्कि युवाओं और छात्रों को नैतिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक शिक्षा का सशक्त अवसर भी प्रदान किया। इस महोत्सव से सागर में गीता के शिक्षाप्रद संदेशों और जीवन-मूल्यों का व्यापक प्रसार हुआ, जो आने वाले समय में समाज में सकारात्मक और आध्यात्मिक चेतना को और मजबूत करेगा।

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