जिले में परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित और नियमबद्ध बनाने के लिए परिवहन विभाग ने सोमवार को सख़्त कार्रवाई की। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (RTO) मनोज कुमार तेहनगुरिया के निर्देश पर बहेरिया तिराहा और दमोह मार्ग पर यात्री एवं स्कूली बसों की संयुक्त चेकिंग की गई। इस दौरान 15 वर्ष पुरानी एक यात्री बस का फिटनेस व पंजीयन निरस्त करते हुए उसे स्क्रैप (कबाड़) करने का आदेश जारी किया गया। वहीं, नियमों का पालन न करने वाले 16 वाहनों से कुल 39,500 रुपए का जुर्माना वसूला गया।

🔍 50 से अधिक यात्री व स्कूली बसों की जांच
अभियान के दौरान RTO टीम ने 50 से अधिक बसों के दस्तावेज, सुरक्षा मानकों और फिटनेस की जांच की। विभाग ने बताया कि हाल ही में जिले में यात्री बसों, स्कूल बसों और अवैध रूप से संचालित हो रहे वाहनों पर नकेल कसने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
⚠️ 16 बसों में मिली गंभीर कमियां
जांच में 16 वाहनों में कई अनियमितताएँ पाई गईं, जिनमें—
- फर्स्ट एड बॉक्स का अभाव
- रिफ्लेक्टर टेप नहीं
- वीएलटीडी (VLTD) उपकरण अनुपस्थित
- अग्निशमन यंत्र नहीं मिला
- एचएसआरपी (HSRP) नंबर प्लेट गायब
सड़क सुरक्षा नियमों का पालन न करने पर इन वाहनों पर मोटरयान अधिनियम के तहत चालानी कार्रवाई करते हुए 39,500 रुपए जुर्माना वसूला गया।
🛑 MP 15 PA 0977 बस होगी स्क्रैप
चेकिंग के दौरान सबसे सख्त कार्रवाई 15 वर्ष पुरानी यात्री बस क्रमांक MP 15 PA 0977 पर की गई।
विभाग ने—
- बस का फिटनेस निरस्त,
- पंजीयन रद्द,
- और स्क्रैप (कबाड़) करने का आदेश जारी किया।
अधिकारियों का कहना है कि जिले में चल रही पुरानी बसें यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन चुकी हैं, इसलिए उनके खिलाफ निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी।
⏳ पुरानी बसों को रिप्लेस करने 5 दिसंबर तक की मोहलत
राज्य शासन द्वारा 14 नवंबर को जारी आदेश के अनुसार, 15 वर्ष पूरी कर चुकी 151 बसों को हटाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
इसके तहत बस मालिकों को—
- पुरानी बसें हटाने,
- और उन्हें स्टेज कैरिज के स्थाई परमिट से रिप्लेस करने का नोटिस दिया गया है।
5 दिसंबर तक यदि बस मालिक नई बसों से रिप्लेसमेंट नहीं कराते हैं, तो उनके स्थायी परमिट निरस्त कर दिए जाएंगे।
📌 RTO का स्पष्ट संदेश: सुरक्षा से समझौता नहीं
RTO मनोज कुमार तेहनगुरिया ने कहा कि सड़क सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर अब किसी भी वाहन संचालक को राहत नहीं मिलेगी। स्कूल बसों में बच्चों की सुरक्षा और यात्री बसों में फिटनेस मानकों को लेकर विभाग बेहद सख्त है।