रसिंहपुर में पुलिस और मत्स्य विभाग की संयुक्त कार्रवाई में प्रतिबंधित थाई मांगुर मछली की तस्करी का बड़ा रैकेट पकड़ा गया। शनिवार देर रात दो पिकअप वाहनों में करीब 3,000 किलो थाई मांगुर मछली नागपुर (महाराष्ट्र) से नर्मदापुरम जिले के बनखेड़ी क्षेत्र ले जाई जा रही थी। जांच के बाद अधिकारियों ने भारी मात्रा में जब्त की गई मछली को बड़े गड्ढे में नष्ट करा दिया।

देश में प्रतिबंधित है थाई मांगुर, स्वास्थ्य और पर्यावरण पर गंभीर खतरा
थाईलैंड मूल की यह मांगुर प्रजाति भारत में पूरी तरह प्रतिबंधित है। शोध में पाया गया है कि इसके सेवन से
- कैंसर,
- डायबिटीज
जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
साथ ही यह मांसाहारी मछली जलीय पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुंचाती है और देशी मछलियों की संख्या तेजी से घटाती है।

तिरपाल ढककर ले जाई जा रही थी मछली
स्टेशनगंज थाना पुलिस के अनुसार, रात में वाहन चेकिंग के दौरान दो पिकअप—
- एमएच 49 बीजेड 2008
- एमएच 49 बीजेड 5655
को रोका गया। दोनों में 1500-1500 किलो मछली मिली। मछलियों को चारों तरफ से तिरपाल लगाकर पानी भरकर परिवहन किया जा रहा था।
पुलिस ने मौके से नागपुर निवासी सतीश परिहार, सतीश गोंड और एक अन्य आरोपी को हिरासत में लिया।
मत्स्य विभाग की पुष्टि: थाई मांगुर ही थी खेप
मत्स्योद्योग सहायक संचालक बबीता चौरसिया की टीम को मौके पर बुलाया गया। जांच में स्पष्ट हुआ कि वाहनों में भरी मछली थाई मांगुर ही है, जिस पर भारत में पालन और बिक्री दोनों पर प्रतिबंध है।
वाहन चालकों से आवश्यक अनुमति पत्र मांगे गए, लेकिन वे कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद
- मछली जब्त की गई
- आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया
- शाम तक बड़े गड्ढे में पूरी खेप नष्ट कर दी गई
भारत में क्यों प्रतिबंधित है थाई मांगुर?
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने वर्ष 2000 में इस मछली पर प्रतिबंध लगाया था, क्योंकि—
- यह तेज़ी से देशी मछलियों पर हमला कर उन्हें खत्म कर देती है।
- शोध के अनुसार, यह देशी प्रजातियों में 70% तक कमी के लिए जिम्मेदार है।
- इसे अक्सर गंदे पानी, सड़े मांस और अस्वास्थ्यकर भोजन से पाला जाता है, जो मानव स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है।
- तालाबों और नहरों का पारिस्थितिक संतुलन बिगाड़ती है।
महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में थाई मांगुर की अवैध खेती बड़े स्तर पर की जाती है, लेकिन लगातार निगरानी के चलते इन पर कार्रवाई जारी है।
आगे की जांच जारी
पुलिस ने दोनों पिकअप वाहनों को जब्त कर लिया है। मत्स्य विभाग और पुलिस संयुक्त रूप से यह जांच कर रहे हैं कि यह मछली किसके लिए भेजी जा रही थी और इस रैकेट में कितने लोग शामिल हैं।