मध्य प्रदेश के सुरखी विधानसभा क्षेत्र के जैसीनगर में अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के अंतर्गत भव्य सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस आयोजन में 51 जोड़े विधिवत वैवाहिक बंधन में बंधे और एक साथ अपने नए जीवन की शुरुआत की।
कार्यक्रम का आयोजन धार्मिक रीति-रिवाजों और पारंपरिक विधि-विधान के साथ किया गया। विवाह स्थल को आकर्षक रूप से सजाया गया था, जहां वर-वधू पक्ष के परिजन, जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। पूरे वातावरण में उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला। पंडितों द्वारा मंत्रोच्चारण के बीच सभी जोड़ों ने सात फेरे लेकर एक-दूसरे के साथ जीवनभर साथ निभाने का संकल्प लिया।

मुख्यमंत्री कन्यादान योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की बेटियों के विवाह में सहयोग प्रदान करना है, ताकि किसी भी परिवार पर आर्थिक बोझ न पड़े। इस योजना के तहत नवविवाहित जोड़ों को आवश्यक घरेलू सामग्री और आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाती है, जिससे वे अपने नए जीवन की शुरुआत सुगमता से कर सकें।
समारोह में उपस्थित अतिथियों ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखद दांपत्य जीवन की कामना की। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि इस प्रकार के सामूहिक विवाह सामाजिक समरसता को बढ़ावा देते हैं और फिजूलखर्ची पर रोक लगाने में भी सहायक होते हैं। साथ ही, यह आयोजन समाज में एक सकारात्मक संदेश देता है कि सादगी और सामूहिकता के साथ भी विवाह जैसे महत्वपूर्ण संस्कार सम्पन्न किए जा सकते हैं।

कार्यक्रम के दौरान प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं। भोजन, पानी, चिकित्सा और सुरक्षा के इंतजाम किए गए, जिससे आयोजन सुचारू रूप से संपन्न हो सका। विवाह में शामिल सभी जोड़ों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए।
ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने इस आयोजन की सराहना की और इसे एक सराहनीय पहल बताया। उनका कहना था कि ऐसे आयोजनों से समाज के कमजोर वर्गों को बड़ी राहत मिलती है और बेटियों के विवाह को लेकर उनकी चिंताएं कम होती हैं।

कुल मिलाकर, अक्षय तृतीया के इस पावन अवसर पर आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन न केवल 51 जोड़ों के जीवन में खुशियां लेकर आया, बल्कि समाज में सहयोग, समानता और सादगी का एक प्रेरणादायक उदाहरण भी प्रस्तुत किया।