भागीरथपुरा में कांग्रेस-बीजेपी कार्यकर्ता आमने-सामने, जमकर हंगामा !

Spread the love

इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में शनिवार को उस समय हालात तनावपूर्ण हो गए, जब दूषित पानी से हुई मौतों की जांच के लिए पहुंची कांग्रेस की टीम का भाजपा कार्यकर्ताओं से आमना-सामना हो गया। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी, धक्कामुक्की और हंगामा शुरू हो गया। स्थिति बिगड़ने पर अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए कांग्रेस नेताओं को गाड़ियों में बैठाकर इलाके से बाहर भेजा।

जांच समिति के पहुंचते ही शुरू हुआ विवाद

कांग्रेस की पांच सदस्यीय जांच समिति भागीरथपुरा के स्थानीय लोगों से मिलने पहुंची थी। इसी दौरान बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौके पर आ गए और ‘बाहरी लोग वापस जाओ’ के नारे लगाने लगे। इसके जवाब में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ‘घंटा पार्टी मुर्दाबाद’ के नारे लगाए। माहौल और अधिक गरमाया तो काले झंडे दिखाए गए और एक-दूसरे पर चूड़ियां फेंकी गईं।

इसी हंगामे के बीच किसी अराजक तत्व ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा की ओर चप्पल भी फेंक दी, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

पुलिस ने संभाला मोर्चा, कांग्रेस नेता हिरासत में

स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए एडिशनल सीपी अमित सिंह सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, विधायक महेश परमार, प्रताप गरेवाल, महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीना बौरासी और शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे को हिरासत में ले लिया। सभी नेताओं को पुलिस वाहनों में बैठाकर इलाके से दूर ले जाया गया, तब जाकर स्थिति कुछ हद तक सामान्य हुई।

दूषित पानी से मौतों का आंकड़ा 16 पहुंचा

इधर, भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। अब तक 16 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। 31 दिसंबर को 65 वर्षीय हीरालाल की मौत हुई थी। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भागीरथपुरा के अनुसार, हीरालाल शीतल नगर लक्ष्मी नगर में किसी परिचित से मिलने आए थे, तभी उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट बताया गया है, हालांकि क्षेत्र में दूषित पानी को लेकर लोगों में गहरा आक्रोश है।

भोपाल में सपा का प्रदर्शन, विजयवर्गीय से इस्तीफे की मांग

इस मामले की गूंज भोपाल तक सुनाई दी। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बंगले के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नेम प्लेट पर कालिख पोती और मंत्री से इस्तीफे की मांग की। सपा नेताओं का कहना है कि दूषित पानी से हुई मौतें प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा हैं।

AIIMS की टीम ने किया लीकेज का निरीक्षण

वहीं, भोपाल से AIIMS की एक विशेषज्ञ टीम भागीरथपुरा पहुंची और पानी की सप्लाई में लीकेज वाली जगह का निरीक्षण किया। टीम ने अपनी विजिट की जानकारी इंदौर नगर निगम को पहले ही दे दी थी, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि निरीक्षण के दौरान निगम का कोई भी अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं रहा। इसे लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

राजनीतिक घमासान के बीच जनता में आक्रोश

भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर जहां जनता में गुस्सा है, वहीं राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और सड़क पर टकराव ने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है। अब सबकी निगाहें प्रशासन की कार्रवाई, जांच रिपोर्ट और दोषियों पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *