मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित नेताजी सुभाषचंद्र केंद्रीय जेल में सोमवार सुबह एक बंदी द्वारा आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। करीब सुबह 8:30 बजे जेल अस्पताल के बाथरूम में बंदी का शव गमछे के सहारे फांसी पर लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान गुड्डू उर्फ राजा विश्वकर्मा (58) निवासी संजीवनी नगर, जबलपुर के रूप में हुई है। वह अगस्त 2024 से जेल में बंद था। उसके खिलाफ संजीवनी नगर थाने में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज था, जिसमें हत्या का केस भी शामिल है। फिलहाल उसका मामला अदालत में विचाराधीन था।
जेलर मदन कमलेश के मुताबिक, बंदी जेल के अस्पताल वार्ड नंबर 3 में भर्ती था। सोमवार सुबह उसने अस्पताल के बाथरूम में गमछे की मदद से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जब तक जेल स्टाफ और डॉक्टरों की टीम मौके पर पहुंची, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

बताया जा रहा है कि मृतक शुगर (डायबिटीज) का मरीज था और उसका इलाज जेल अस्पताल में चल रहा था। हालांकि, आत्महत्या के पीछे के कारणों का अभी तक स्पष्ट खुलासा नहीं हो पाया है। जेल प्रशासन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रहा है।
घटना की सूचना तत्काल मजिस्ट्रेट को दे दी गई है और परिजनों को भी इसकी जानकारी भेजी गई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा जाएगा, जहां रिपोर्ट के बाद मौत के कारणों की पुष्टि हो सकेगी।

इस घटना ने एक बार फिर जेलों में बंद कैदियों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं यह संकेत देती हैं कि बंदियों की निगरानी और उनकी मानसिक स्थिति पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है।
फिलहाल जेल प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बंदी ने आत्महत्या जैसा कदम क्यों उठाया। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।