छतरपुर शहर में एक युवती की शिकायत पर सिटी कोतवाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शहर के चर्चित ज्वेलरी शॉप संचालक को हिरासत में लिया है। युवती ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर लंबे समय तक उसका मानसिक और शारीरिक शोषण किया। पुलिस ने मामले को गंभीर मानते हुए दुष्कर्म एवं एससी-एसटी एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
यह मामला छतरपुर के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है, जहां सोमवार को शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की।
पुलिस की कार्रवाई, आरोपी जेल भेजा
नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) अरुण सोनी ने जानकारी देते हुए बताया कि पीड़िता की लिखित शिकायत और प्रारंभिक जांच के आधार पर आरोपी प्रशांत सोनी को हिरासत में लिया गया।
सीएसपी के अनुसार, पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और उसके बयान विधिसम्मत तरीके से दर्ज किए गए हैं। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

उन्होंने बताया कि पुलिस अब इस प्रकरण से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों, कॉल डिटेल्स, सोशल मीडिया चैट्स और अन्य संभावित गवाहों की गहन जांच कर रही है।
आरोपी के पिता का पलटवार: बताया ब्लैकमेलिंग का मामला
मामले में नया मोड़ तब आया जब आरोपी के पिता जगदीश सोनी मीडिया के सामने आए और आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने पूरे मामले को सुनियोजित ब्लैकमेलिंग और पैसों के लेन-देन से जुड़ा विवाद बताया।
जगदीश सोनी का कहना है कि करीब तीन साल पहले युवती उनकी ज्वेलरी दुकान पर ग्राहक बनकर आई थी। उसी दौरान इंस्टाग्राम के माध्यम से उसने अपनी जाति छुपाकर उनके बेटे से दोस्ती की। उन्होंने आरोप लगाया कि युवती ने दुकान से उधार जेवरात खरीदे थे, जिनके बदले दिए गए कुछ चेक बाद में बाउंस हो गए।
उनका दावा है कि इसी उधारी और पैसों के विवाद को लेकर उनके बेटे को झूठे मामले में फंसाया जा रहा है।
फर्जी आईडी और दबाव बनाने का आरोप
आरोपी के पिता ने यह भी आरोप लगाया कि पीड़िता और उसके परिजनों ने सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी बनाकर उनके बेटे पर मानसिक दबाव बनाया और अब ब्लैकमेलिंग की जा रही है। उन्होंने प्रशासन से ऑडियो और वीडियो साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
पीड़िता का पक्ष: व्यापारिक लेन-देन से कोई संबंध नहीं
दूसरी ओर, पीड़िता ने स्वीकार किया है कि जेवरात खरीदने का मामला पुराना है, लेकिन उसने स्पष्ट किया कि उसका और प्रशांत का व्यक्तिगत संबंध पूरी तरह शादी के वादे पर आधारित था।
पीड़िता का कहना है कि आरोपी ने उसकी भावनाओं से खेलते हुए शादी का झांसा दिया और इसी आधार पर उसका मानसिक व शारीरिक शोषण किया। उसके अनुसार, इस शोषण का किसी भी तरह के व्यापारिक लेन-देन से कोई लेना-देना नहीं है।
जांच जारी, कई पहलुओं पर फोकस
फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के दावों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों, डिजिटल साक्ष्यों और बयानों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाएगी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस पूरे प्रकरण पर कड़ी नजर बनाए हुए है।