छतरपुर जिले के ईसानगर थाना क्षेत्र में दो सप्ताह पहले ग्राम पनौठा के पास दो लोगों की मौत का मामला अब डबल मर्डर साबित हुआ है। पुलिस ने इस सनसनीखेज घटना का खुलासा करते हुए सोमवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने इस जघन्य हत्याकांड को सड़क दुर्घटना का रूप देने की साजिश रची थी, लेकिन पुलिस की सतर्कता से पूरा मामला बेनकाब हो गया।
मजदूरी पर जाते थे मृतक, शुरू से ही संदिग्ध थी घटना
मृतकों की पहचान संतोष अनुरागी और राजेंद्र यादव के रूप में हुई है। दोनों मजदूरी के लिए छतरपुर जाया करते थे। संतोष छतरपुर में किराए के मकान में रहकर काम करता था। घटना के बाद प्रारंभिक तौर पर इसे सड़क दुर्घटना बताया गया, लेकिन पुलिस को शुरुआत से ही मामले में कई विरोधाभास नजर आए, जिससे जांच को गहराई से आगे बढ़ाया गया।

एसपी और फोरेंसिक टीम की जांच में हुआ खुलासा
छतरपुर पुलिस अधीक्षक अगम जैन के निर्देशन में फोरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल का सघन निरीक्षण किया गया। जांच में स्पष्ट हुआ कि दोनों की मौत किसी हादसे में नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके से की गई हत्या है।
पुलिस ने घटना में प्रयुक्त सेंट्रो कार और हत्या में इस्तेमाल की गई लोहे की सब्बल भी बरामद कर ली है, जिससे आरोपियों की साजिश पूरी तरह उजागर हो गई।
दो आरोपी गिरफ्तार, पहले से अपराधी रहा मुख्य आरोपी
गहन पूछताछ के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी कौशलेंद्र सिंह उर्फ बबलू निवासी ग्राम देरी और उसके साथी अभय सिंह तोमर निवासी ग्राम धौरी को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी कौशलेंद्र सिंह पहले से ही अवैध हथियार, अवैध शराब, चोरी और मारपीट जैसे पांच अन्य आपराधिक मामलों में शामिल रहा है।

दूसरी पत्नी की हत्या के मामले में गवाह था संतोष
पूछताछ में मुख्य आरोपी ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि संतोष उसकी दूसरी पत्नी ममता की हत्या के मामले में गवाह था। इसी रंजिश के चलते संतोष और उसके साथी राजेंद्र की हत्या की साजिश रची गई।
आरोपी ने यह भी बताया कि संतोष गवाही देने के बदले आरोपियों से पैसे की मांग कर रहा था, जिससे वह बेहद नाराज था और उसने रास्ते से हटाने की योजना बना ली।
पूरी पुलिस टीम की अहम भूमिका
इस जटिल हत्याकांड के खुलासे में पुलिस की संयुक्त टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मामले में अजय रिठौरिया, ईसानगर थाना प्रभारी उप निरीक्षक मनोज गोयल, गोयरा थाना प्रभारी उप निरीक्षक धर्मेंद्र रोहित, साइबर सेल प्रभारी उप निरीक्षक नेहा गुर्जर सहित प्रधान आरक्षक सत्येन्द्र त्रिपाठी, प्रहलाद, हफीज खान, राजेंद्र प्रजापति, कैलाश राजपूत, आरक्षक धर्मेंद्र चतुर्वेदी, भरत कुमार, दानिश, प्रीतम, गौरव तिवारी, खुशेन्द्र और उदयभान की सराहनीय भूमिका रही।
विवेचना जारी
पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। सभी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मजबूत चालान पेश किया जाएगा। इस खुलासे के बाद क्षेत्र में दहशत के साथ-साथ पुलिस की कार्यप्रणाली की भी चर्चा हो रही है।