दतिया। जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल उनाव बालाजी मंदिर में बुधवार से मकर संक्रांति और माघ माह स्नान का शुभारंभ हो गया। खास पर्व और स्नान के संयोग के चलते श्रद्धालुओं का सैलाब पहूज नदी और मंदिर परिसर में उमड़ पड़ा। दोपहर साढ़े 12 बजे तक लगभग 30 हजार लोग पुण्य स्नान कर आस्था का अनुभव कर चुके थे।
मकर संक्रांति और माघ स्नान का महत्व
हिंदू धर्म में मकर संक्रांति और माघ स्नान का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ नदी में डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित किया। पर्व की तारीख को लेकर मतभेद भी देखने को मिला। जहां कुछ जानकार 15 जनवरी को मकर संक्रांति मान रहे थे, वहीं श्रद्धालुओं ने बुधवार को ही पर्वकाल मानकर स्नान और दान-पुण्य किया।

दान और प्रसाद का सिलसिला
पुण्यकाल में स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने खिचड़ी, पंचांग और काले तिल से बने मिष्ठान का दान किया। मंदिर परिसर और नदी तट पर दिनभर भक्ति और आस्था का माहौल बना रहा।
मकर संक्रांति के अवसर पर खिचड़ी का प्रसाद भी वितरित किया गया। इस वर्ष भी बॉबी रावत ने स्टॉल लगाकर प्रसाद वितरित किया। इसके अलावा अग्रवाल बंधु झांसी, नगर निगम झांसी और रेलवे विभाग झांसी की ओर से भी प्रसाद वितरण हुआ। आसपास के क्षेत्रों में सब्जी-पूड़ी भंडारे भी आयोजित किए गए।

सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक इंतजाम
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए 40 पुलिसकर्मी घाट और मंदिर परिसर में तैनात किए गए। सुरक्षा की कमान उनाव थाना प्रभारी यतेंद्र सिंह भदौरिया ने संभाली। नदी में स्नान करने वालों की सुरक्षा के लिए जाली लगाई गई, जबकि मंदिर परिसर में बेरिकेडिंग कर लोगों की आवाजाही सुव्यवस्थित की गई।

पर्व दो दिन तक मनाने की परंपरा
हालांकि पंचांग के अनुसार मकर संक्रांति 14 जनवरी को है, लेकिन लोगों में इसे दो दिन तक मनाने की परंपरा नजर आई। कुछ श्रद्धालु 14 जनवरी और कुछ 15 जनवरी को मकर संक्रांति मनाएंगे।
संक्षेप में: उनाव बालाजी धाम में मकर संक्रांति और माघ माह स्नान का सिलसिला श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ जारी है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पुण्य लाभ लिया और मंदिर परिसर में प्रसाद और दान का क्रम लगातार चल रहा है।