भोपाल के नरेला विधानसभा क्षेत्र स्थित बिस्मिल्लाह कॉलोनी, नरेला विधानसभा क्षेत्र, भोपाल की गरीब नवाज मस्जिद, ऐशबाग, भोपाल में जलसा-ए-शहादत कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामनेई की याद में श्रद्धांजलि स्वरूप आयोजित बताया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
कानून व्यवस्था के लिए भारी पुलिस बल तैनात
कार्यक्रम के दौरान शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि कार्यक्रम की निगरानी की जा रही थी ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
सभा के दौरान नारेबाजी और पोस्टर का मामला

कार्यक्रम के दौरान कुछ लोगों द्वारा दूसरे देशों के नेताओं के पोस्टर जमीन पर रखकर पैरों से कुचलने की घटना सामने आई। साथ ही सभा के दौरान राजनीतिक नारेबाजी भी हुई। हालांकि प्रशासन की ओर से इस मामले में आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
वक्ताओं ने शिक्षा और एकता पर दिया जोर
कार्यक्रम में मौजूद धर्मगुरुओं और वक्ताओं ने अपने संबोधन में शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। मौलाना रजी-उल-हसन हैदरी ने कहा कि समाज की प्रगति का रास्ता शिक्षा से होकर गुजरता है और युवाओं को आगे बढ़कर शिक्षा हासिल करनी चाहिए। उन्होंने 1979 की ईरानी क्रांति का भी उदाहरण दिया और कहा कि शिक्षा और ज्ञान पर जोर देने से समाज मजबूत बनता है।

वहीं सैयद अजहर हुसैन रिजवी ने कहा कि अलग-अलग धार्मिक विचार हो सकते हैं, लेकिन समाज को आपसी एकता बनाए रखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि समुदायों के बीच विवाद के बजाय सामूहिक विकास पर ध्यान देना चाहिए।
कार्यक्रम का समापन श्रद्धांजलि के साथ
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने अली खामनेई को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि उनकी विचारधारा और संदेश आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत रहेंगे।
पुलिस प्रशासन की प्रतिक्रिया

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया था। यदि किसी नियम उल्लंघन की शिकायत मिलती है तो जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।