मध्यप्रदेश के सतना जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। कोलगवां थाना क्षेत्र की बैंक कॉलोनी में 11 वर्षीय मासूम की निर्मम हत्या कर दी गई। इस जघन्य वारदात को एक 50 वर्षीय व्यक्ति ने अंजाम दिया, जिसे पुलिस ने घटना के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। इस घटना ने न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि समाज में बढ़ती संवेदनहीनता को भी उजागर किया है।
घटना सोमवार सुबह की बताई जा रही है, जब आरोपी मथुरा प्रसाद मृतक बच्चे शिवराज उर्फ बादल के घर पहुंचा। उस समय घर में बच्चा अकेला था। आरोपी का बच्चे की मां से परिचय था और वह अक्सर घर आता-जाता था। लेकिन यह बात बच्चे और उसके परिवार को पसंद नहीं थी। मृतक शिवराज और उसकी बड़ी बहन सेजल आरोपी के इस व्यवहार का विरोध करते थे और अपने पिता को इसकी जानकारी देते थे, जो बाहर काम करते हैं।
पुलिस जांच में सामने आया कि इसी बात को लेकर आरोपी और बच्चे के परिवार के बीच पहले भी विवाद हो चुका था। घटना वाले दिन आरोपी ने बच्चे को मां से अपनी मुलाकातों की शिकायत पिता से न करने की हिदायत दी। इस पर बच्चे ने विरोध किया और उसे घर आने से मना किया। यह बात आरोपी को इतनी नागवार गुजरी कि उसने अपना आपा खो दिया।

आरोपी ने पहले बच्चे का गला दबाया और फिर धारदार हथियार से उसकी हत्या कर दी। इसके बाद उसने शव को छिपाने की कोशिश की और घर में रखे एक नीले ड्रम में डालकर बाहर से दरवाजे पर ताला लगाकर फरार हो गया। घटना के बाद जब परिवार को जानकारी मिली तो इलाके में हड़कंप मच गया।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने संदेह के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू की। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी का मोबाइल फोन बंद था और वह अपने ठिकानों से गायब था। इसके बाद पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर टीम भेजी और अंततः आरोपी को उसके ससुराल क्षेत्र अमिलिया-कोल्हुआडीह से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किए गए सामान और अन्य साक्ष्य भी बरामद किए गए हैं। पुलिस ने बच्चे के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है और आरोपी को न्यायालय में पेश करने की तैयारी की जा रही है।

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी की नजर मृतक की बड़ी बहन पर भी थी और वह उसे भी नुकसान पहुंचाने की योजना बना रहा था। सौभाग्य से वह घटना के समय घर पर मौजूद नहीं थी, जिससे उसकी जान बच गई।
इस घटना ने पूरे क्षेत्र में डर और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। स्थानीय लोग आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू से जांच की जा रही है और आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के प्रयास किए जाएंगे।
यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी है कि बच्चों की सुरक्षा और पारिवारिक सतर्कता कितनी जरूरी है। साथ ही यह भी जरूरी है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को नजरअंदाज न किया जाए और समय रहते प्रशासन को इसकी जानकारी दी जाए, ताकि ऐसे अपराधों को रोका जा सके।