पड़ोसी राज्यों से गेहूं की अवैध बिक्री रोकने कलेक्टर के सख्त निर्देश !

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सागर रबी विपणन वर्ष 2026-27 के तहत जिले में गेहूं उपार्जन प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए कलेक्टर प्रतिभा पाल ने सख्त कदम उठाए हैं। उन्होंने पड़ोसी राज्यों से अवैध रूप से उपार्जन केंद्रों पर लाई जा रही गेहूं की फसल की बिक्री को रोकने के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में चेक पोस्ट स्थापित करने के निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार 15 अप्रैल से 31 मई 2026 तक चलने वाली उपार्जन अवधि के दौरान विशेष सतर्कता बरती जाएगी। इस दौरान यह सुनिश्चित किया जाएगा कि अन्य राज्यों से अवैध तरीके से लाई गई उपज सागर जिले के उपार्जन केंद्रों पर न बिक सके। इसके लिए जिले की सीमाओं से जुड़े सभी प्रमुख मार्गों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी।

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने सभी अनुविभागीय अधिकारियों (राजस्व) को निर्देशित किया है कि वे तत्काल प्रभाव से संयुक्त जांच दलों का गठन करें। इन दलों में राजस्व, पुलिस, मंडी, कृषि, सहकारिता और खाद्य विभाग के अधिकारियों को शामिल किया जाएगा। यह दल सीमावर्ती मार्गों पर स्थापित चेक पोस्टों पर तैनात रहकर आने-जाने वाले वाहनों की सघन जांच करेंगे।

उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी स्थिति में अवैधानिक तरीके से अन्य राज्यों की उपज को जिले के उपार्जन केंद्रों तक पहुंचने नहीं दिया जाएगा। इसके लिए चेकिंग व्यवस्था को पूरी तरह सुदृढ़ बनाया जाए और प्रत्येक संदिग्ध वाहन की जांच सुनिश्चित की जाए।

कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए कि गठित जांच दलों के सभी सदस्यों के नाम और उनके दूरभाष क्रमांक जिला कंट्रोल रूम को अनिवार्य रूप से भेजे जाएं। इससे निगरानी व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सकेगा और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित संपर्क स्थापित किया जा सकेगा।

सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात इन टीमों को लगातार सक्रिय रहने और नियमित रूप से निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने कहा कि इन दलों द्वारा किए गए कार्यों की साप्ताहिक समीक्षा भी की जाएगी, जिससे व्यवस्था की प्रभावशीलता बनी रहे और किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

उन्होंने अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी कहा कि उपार्जन की पूरी अवधि तक यह अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी स्थिति में अवैध आवक को रोका जाएगा।

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने इस कार्रवाई के पीछे का उद्देश्य स्पष्ट करते हुए कहा कि शासन की उपार्जन नीति का लाभ केवल जिले के वास्तविक किसानों को मिलना चाहिए। यदि बाहरी राज्यों की उपज को यहां बेचा जाता है, तो इससे स्थानीय किसानों के हित प्रभावित होते हैं और पूरी व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ता है।

उन्होंने यह भी कहा कि पारदर्शिता बनाए रखने और किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी के तहत यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि उपार्जन केंद्रों पर केवल पात्र किसानों की ही उपज खरीदी जाए।

प्रशासन द्वारा उठाए गए इन सख्त कदमों से यह स्पष्ट है कि इस बार गेहूं उपार्जन प्रक्रिया को लेकर किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सीमावर्ती क्षेत्रों में चेक पोस्ट और संयुक्त जांच दलों की तैनाती से अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण की उम्मीद है।

इस पहल से न केवल उपार्जन व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी, बल्कि जिले के किसानों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा। प्रशासन का यह प्रयास है कि उपार्जन प्रक्रिया निष्पक्ष, व्यवस्थित और पूरी तरह किसानों के हित में संचालित हो।

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