सागर मध्यप्रदेश शासन द्वारा घोषित “कृषक कल्याण वर्ष 2026” के अंतर्गत जिले में किसानों को सहकारी समितियों से जोड़ने और उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए विशेष सदस्यता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में कलेक्टर एवं बैंक प्रशासक प्रतिभा पाल के मार्गदर्शन में शाहगढ़ शाखा अंतर्गत समिति दलपतपुर मुख्यालय पर नवीन सदस्यता अभियान शिविर का आयोजन किया गया।
इस शिविर में समिति लिधौरा, रूरावन और गूगराखुर्द के बड़ी संख्या में किसान उपस्थित हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य अधिक से अधिक किसानों को सहकारी समितियों से जोड़ना और उन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाना था। शिविर के दौरान किसानों से उनके सुझाव भी लिए गए और उनकी समस्याओं का मौके पर ही समाधान करने का प्रयास किया गया।
शिविर में भाग लेने वाले किसानों में से 26 नए किसानों ने सहकारी समितियों की सदस्यता ग्रहण की। यह सदस्यता उन्हें विभिन्न सुविधाओं और योजनाओं से जोड़ने का माध्यम बनेगी, जिससे वे कृषि क्षेत्र में अधिक सशक्त हो सकेंगे। अधिकारियों ने बताया कि सदस्यता लेने वाले किसानों को सहकारी समितियों के माध्यम से खाद, बीज, ऋण और अन्य कृषि सेवाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा।

कार्यक्रम के दौरान किसानों को “ई-विकास” प्रणाली के अंतर्गत खाद वितरण की प्रक्रिया के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि इस डिजिटल प्रणाली के माध्यम से खाद वितरण अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित हो गया है। इससे किसानों को समय पर खाद उपलब्ध हो सकेगा और अनियमितताओं पर भी नियंत्रण रखा जा सकेगा।
जिला स्तर पर इस अभियान को व्यापक रूप से संचालित किया जा रहा है। सागर जिले की कुल 178 सहकारी समितियों में यह सदस्यता अभियान जारी है, जिससे अधिक से अधिक किसानों को इस योजना से जोड़ा जा सके। प्रशासन का लक्ष्य है कि हर पात्र किसान को सहकारी तंत्र से जोड़ा जाए, ताकि उन्हें शासन की योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके।
इस अवसर पर बैंक मुख्यालय की ओर से मुख्य कार्यपालन अधिकारी नीरज दुरेजा, विपणन प्रभारी राजेश जैन, शाखा प्रबंधक अतुल तिवारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। साथ ही समिति कर्मचारी दुर्गसिंह लोधी, ऋषीकांत दुबे, सुमत पटैरिया, डेलनसिंह और अन्य वर्तमान एवं पूर्व कर्मचारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

अधिकारियों ने किसानों को सहकारी समितियों की उपयोगिता के बारे में भी बताया और उन्हें अधिक से अधिक संख्या में सदस्यता लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सहकारी समितियां किसानों के लिए एक मजबूत आधार हैं, जो उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
कलेक्टर प्रतिभा पाल के मार्गदर्शन में चलाया जा रहा यह अभियान जिले में कृषि विकास को नई दिशा देने का प्रयास है। इससे न केवल किसानों को योजनाओं का लाभ मिलेगा, बल्कि कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता और दक्षता भी बढ़ेगी।
इस प्रकार, दलपतपुर में आयोजित यह शिविर कृषक कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ, जिसने किसानों को संगठित करने और उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में सकारात्मक संदेश दिया है।