सागर जिले के सुरखी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत राहतगढ़ में युवाओं के कौशल विकास और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के प्रयासों से यहां लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से एक आधुनिक आईटीआई (औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान) भवन निर्माण को स्वीकृति मिली है। यह परियोजना क्षेत्र के शैक्षणिक और आर्थिक विकास के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
इस प्रस्तावित आईटीआई परिसर में 6 ट्रेड संचालित किए जाएंगे, जिनमें युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही छात्र-छात्राओं के लिए 30-30 सीट क्षमता वाले बालक एवं बालिका छात्रावास बनाए जाएंगे। इसके अलावा 1एफ, 2एच और 4आई टाइप आवासीय भवनों का भी निर्माण किया जाएगा, जिससे शिक्षकों और स्टाफ के लिए भी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इस संपूर्ण परियोजना का उद्देश्य एक समग्र और आधुनिक प्रशिक्षण वातावरण तैयार करना है।
इस अवसर पर मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि यह आईटीआई भवन सुरखी क्षेत्र के युवाओं के भविष्य को नई दिशा देने का कार्य करेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज के दौर में तकनीकी कौशल ही रोजगार की कुंजी है। बिना कौशल के युवाओं के लिए अवसर सीमित हो जाते हैं, जबकि आईटीआई जैसे संस्थान उन्हें व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाते हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि इस संस्थान के शुरू होने से स्थानीय युवाओं को अब प्रशिक्षण के लिए अन्य शहरों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को विशेष लाभ मिलेगा और पलायन की समस्या में भी कमी आएगी। स्थानीय स्तर पर ही प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर मिलने से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

मंत्री राजपूत ने कहा कि आईटीआई केवल शिक्षा संस्थान नहीं होते, बल्कि रोजगार के सशक्त केंद्र होते हैं। यहां प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवा इलेक्ट्रिशियन, फिटर, वेल्डर, कंप्यूटर ऑपरेटर जैसे विभिन्न क्षेत्रों में दक्ष बनकर सीधे उद्योगों में रोजगार पा सकते हैं या स्वयं का व्यवसाय भी शुरू कर सकते हैं। इस प्रकार यह संस्थान आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार करने में भी योगदान देगा।
तकनीकी शिक्षा की बढ़ती आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में उद्योगों की मांग तेजी से बदल रही है। ऐसे में प्रशिक्षित और कुशल युवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है। इस संदर्भ में आईटीआई जैसे संस्थानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए स्किल इंडिया मिशन का उल्लेख करते हुए कहा कि इस पहल ने देश के युवाओं को नई दिशा दी है और लाखों युवाओं को रोजगार से जोड़ा है।
साथ ही उन्होंने प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता का भी उल्लेख किया और बताया कि डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में तकनीकी शिक्षा को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि हर क्षेत्र में युवाओं को बेहतर प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर मिलें।
आईटीआई भवन की स्वीकृति से राहतगढ़ क्षेत्र में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह परियोजना क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। इससे न केवल शिक्षा का स्तर सुधरेगा, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी मिलेगा।
कुल मिलाकर, राहतगढ़ में बनने वाला यह आईटीआई संस्थान क्षेत्र के युवाओं के लिए एक नई उम्मीद लेकर आया है। यह पहल उन्हें न केवल तकनीकी रूप से सशक्त बनाएगी, बल्कि उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर भी प्रदान करेगी, जिससे क्षेत्र का समग्र विकास संभव हो सकेगा।