डॉ. मोहन यादव 23 अप्रैल 2026 को सागर जिले के नरयावली हेलीपैड से भोपाल के लिए रवाना हुए। उनके इस दौरे का समापन आत्मीय और गरिमामय माहौल में हुआ, जहां जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें विदाई दी। सागर जिले में विभिन्न विकास कार्यों और योजनाओं की घोषणाओं से भरपूर इस दौरे को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री के नरयावली आगमन से लेकर उनके प्रस्थान तक पूरे कार्यक्रम में उत्साह और सक्रियता का माहौल देखने को मिला। नरयावली में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में उन्होंने शिक्षा, अधोसंरचना, कृषि और कौशल विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। इन घोषणाओं के बाद उनके भोपाल रवाना होने के समय हेलीपैड पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।

विदाई के अवसर पर गोविंद सिंह राजपूत, लता वानखेड़े, गोपाल भार्गव, भूपेंद्र सिंह, प्रदीप लारिया, शैलेंद्र जैन, बृज बिहारी पटेरिया, वीरेंद्र सिंह लोधी तथा निर्मला सप्रे सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। यह उपस्थिति इस बात का संकेत थी कि मुख्यमंत्री का यह दौरा राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से कितना महत्वपूर्ण था।
इसके अतिरिक्त संगीता सुशील तिवारी, हीरा सिंह राजपूत, श्याम तिवारी, रानी कुशवाहा, वृन्दावन अहिरवार और देवेंद्र सिंह ठाकुर जैसे स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी मुख्यमंत्री को विदाई दी। इसके साथ ही अरुणोदय चौबे और नारायण प्रसाद कबीरपंथी सहित अन्य नेताओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया।
प्रशासनिक अधिकारियों में अनिल सुचारी, मिथिलेश शुक्ला, प्रतिभा पाल और विकास शाहवाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इन अधिकारियों ने पूरे दौरे के दौरान व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री के इस दौरे के दौरान सागर जिले को कई विकास परियोजनाओं की सौगात मिली। उन्होंने अधोसंरचना विकास, शिक्षा संस्थानों के विस्तार, कृषि क्षेत्र में नवाचार और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए कई घोषणाएं कीं। इन पहलों से न केवल शहरी क्षेत्रों, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी विकास की नई संभावनाएं खुलने की उम्मीद है।

नरयावली में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों से संवाद भी किया और उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से आम जनता तक पहुंचे और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस प्रकार उनका यह दौरा केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन को लेकर भी स्पष्ट संदेश दिया गया।
हेलीपैड पर विदाई का दृश्य भावनात्मक और सम्मानजनक था। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को शुभकामनाएं देते हुए उनके सफल दौरे के लिए आभार व्यक्त किया। इस दौरान आपसी संवाद और समन्वय की झलक भी देखने को मिली, जो विकास कार्यों के लिए आवश्यक होती है।

कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का सागर दौरा कई मायनों में महत्वपूर्ण रहा। इस दौरे ने जहां एक ओर विकास की नई योजनाओं को गति दी, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक सक्रियता और जनप्रतिनिधियों के समन्वय को भी मजबूती प्रदान की। नरयावली हेलीपैड से उनका भोपाल के लिए प्रस्थान इस सफल दौरे का समापन था, जो आने वाले समय में क्षेत्र के विकास की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।