सागर — जिले के बांदरी स्थित शासकीय महाविद्यालय में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। अब यहां इतिहास और राजनीति शास्त्र विषयों में स्नातकोत्तर (PG) पाठ्यक्रम शैक्षणिक सत्र 2026-27 से प्रारंभ हो गए हैं। यह निर्णय क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए एक बड़ी राहत और अवसर के रूप में सामने आया है।
स्थानीय स्तर पर उच्च शिक्षा की सुविधा
बांदरी जैसे अर्ध-शहरी क्षेत्र में पीजी पाठ्यक्रम शुरू होने से छात्रों को अब उच्च शिक्षा के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि आर्थिक बोझ भी कम होगा। पहले छात्रों को सागर या अन्य शहरों में जाकर पढ़ाई करनी पड़ती थी, जिससे कई प्रतिभाशाली विद्यार्थी आर्थिक कारणों से आगे की पढ़ाई नहीं कर पाते थे।
भूपेन्द्र सिंह के प्रयासों का परिणाम
इस पहल के पीछे पूर्व गृहमंत्री एवं खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने मध्यप्रदेश विधानसभा में खुरई क्षेत्र के महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू करने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। उनके प्रयासों के चलते उच्च शिक्षा विभाग ने महाविद्यालयों को स्ववित्तीय आधार पर पीजी पाठ्यक्रम प्रारंभ करने की अनुमति दी।

सीटों की संख्या और पाठ्यक्रम की जानकारी
महाविद्यालय के प्राचार्य राजेंद्र कुमार यादव के अनुसार, इतिहास और राजनीति शास्त्र दोनों विषयों में दो वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। प्रत्येक विषय में 30-30 सीटें निर्धारित की गई हैं। यह संख्या प्रारंभिक स्तर पर छात्रों की मांग को देखते हुए तय की गई है, जिसे भविष्य में बढ़ाया भी जा सकता है।
ग्रामीण छात्रों को मिलेगा सीधा लाभ
इस निर्णय से विशेष रूप से ग्रामीण और आसपास के क्षेत्रों के छात्रों को लाभ मिलेगा। अब उन्हें शहरों में रहने, किराया देने और अन्य खर्चों की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। स्थानीय स्तर पर शिक्षा उपलब्ध होने से अधिक छात्र उच्च शिक्षा की ओर प्रेरित होंगे।
शिक्षा के स्तर में होगा सुधार
पीजी पाठ्यक्रम शुरू होने से महाविद्यालय का शैक्षणिक स्तर भी ऊंचा होगा। इससे न केवल छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा, बल्कि शिक्षकों और संस्थान के लिए भी नई संभावनाएं खुलेंगी। उच्च शिक्षा के विस्तार से क्षेत्र में बौद्धिक और सामाजिक विकास को भी गति मिलेगी।
अन्य विषयों में भी संभावनाएं
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह पहल सफल रहती है, तो आने वाले समय में अन्य विषयों में भी पीजी पाठ्यक्रम शुरू किए जा सकते हैं। इससे बांदरी महाविद्यालय एक प्रमुख शैक्षणिक केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है।
छात्रों में उत्साह का माहौल
पीजी पाठ्यक्रम शुरू होने की खबर से छात्रों में उत्साह का माहौल है। कई छात्रों ने इसे अपने भविष्य के लिए एक सकारात्मक कदम बताया है। उनका कहना है कि अब वे अपने ही क्षेत्र में रहकर उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे और अपने करियर को बेहतर दिशा दे पाएंगे
बांदरी शासकीय महाविद्यालय में इतिहास और राजनीति शास्त्र में पीजी पाठ्यक्रम की शुरुआत क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। यह कदम न केवल छात्रों के लिए सुविधाजनक है, बल्कि पूरे क्षेत्र के शैक्षणिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यदि इसी तरह के प्रयास जारी रहे, तो आने वाले समय में यह क्षेत्र शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान बना सकता है।