सागर — जिले में एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है, जहां चरित्र शंका के चलते एक पति ने अपनी ही पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हुए आरोपी को रहली थाना पुलिस ने घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, रहली थाना क्षेत्र के बोमा खजूरा गांव निवासी 31 वर्षीय मोहन गौंड ने 23 अप्रैल को अपनी 28 वर्षीय पत्नी देवकी की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी थी। घटना के बाद से आरोपी फरार चल रहा था, जिसे पुलिस ने शनिवार को विजयपुरा के जंगल क्षेत्र से पकड़ लिया। आरोपी के पास से हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली गई है।
घरेलू विवाद बना हत्या की वजह
जानकारी के अनुसार, घटना वाले दिन देवकी घर में खाना खाकर सो रही थी। इसी दौरान मोहन बाहर से घर लौटा और उसने पत्नी से खाना मांगा। बताया जा रहा है कि इस बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्से में आकर आरोपी ने कुल्हाड़ी उठाई और सो रही पत्नी पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
आरोपी ने देवकी की गर्दन पर एक के बाद एक तीन वार किए, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया।

शक के चलते अक्सर होते थे झगड़े
स्थानीय लोगों के मुताबिक, देवकी की यह दूसरी शादी थी, जो करीब 6 साल पहले मोहन गौंड से हुई थी। पहले पति के निधन के बाद वह अपने एक बेटे के साथ मोहन के पास आई थी। दोनों के विवाह के बाद एक बेटी भी हुई।
बताया जाता है कि शादी के कुछ समय बाद से ही मोहन अपनी पत्नी के चरित्र पर शक करने लगा था। इसी कारण दोनों के बीच आए दिन विवाद होते रहते थे, जो अंततः इस खौफनाक घटना में बदल गया।
जंगल में छिपा था आरोपी, पुलिस ने घेरा
वारदात के बाद आरोपी फरार हो गया और जंगलों में छिपकर अपनी लोकेशन बदलता रहा। वह क्षेत्र के जंगलों और रास्तों से भली-भांति परिचित था, जिससे उसे पकड़ना पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण हो गया।
हालांकि, पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी विजयपुरा के जंगल में छिपा हुआ है। इसके बाद पुलिस टीम ने तुरंत घेराबंदी कर सर्चिंग अभियान चलाया और आरोपी को पकड़ लिया।
आरोपी ने कबूला जुर्म
थाना प्रभारी सुनील शर्मा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी ने पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। उसने बताया कि उसने चरित्र शंका के चलते पत्नी की हत्या की। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी जब्त कर ली है और आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया है।
यह घटना घरेलू विवाद और संदेह के खतरनाक परिणामों को उजागर करती है। छोटी-छोटी बातों पर बढ़ता गुस्सा और आपसी अविश्वास किस तरह एक परिवार को तबाह कर सकता है, इसका यह गंभीर उदाहरण है।
सागर में हुई यह दर्दनाक घटना न केवल कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि समाज को भी यह संदेश देती है कि विवादों का समाधान हिंसा नहीं हो सकता। पुलिस की तत्परता से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन इस घटना ने एक परिवार को हमेशा के लिए बिखेर दिया।