ड्रॉपआउट बच्चों को फिर से स्कूल से जोड़ने की पहल !

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सागर संभाग में शिक्षा, महिला एवं बाल विकास तथा स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए संभाग कमिश्नर श्री अनिल सुचारी ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि आगामी दो दिवस के भीतर विद्यालयों में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित किया जाए और एक भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। इसके लिए ड्रॉपआउट बच्चों को चिन्हित कर तत्काल स्कूलों में प्रवेश दिलाने के निर्देश दिए गए हैं।

बैठक में अपर कमिश्नर श्री पवन जैन, संयुक्त कमिश्नर श्री राजेश शुक्ला, संयुक्त संचालक लोक शिक्षण श्री शत्रुंजय प्रताप सिंह, संयुक्त संचालक महिला बाल विकास श्री बी.एल. प्रजापति सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

नामांकन और ड्रॉपआउट पर विशेष जोर

कमिश्नर श्री सुचारी ने कहा कि शिक्षा विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है कि हर बच्चा स्कूल तक पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्राम स्तर पर सर्वे कर ऐसे बच्चों की सूची तैयार की जाए जो स्कूल नहीं जा रहे हैं और उन्हें शीघ्र शाला में दाखिला दिलाया जाए।

कमजोर परीक्षा परिणाम पर कार्रवाई

विद्यालयों के परीक्षा परिणामों की समीक्षा करते हुए कमिश्नर ने निर्देश दिए कि जिन स्कूलों का परिणाम अपेक्षाकृत कम है, वहां के जन शिक्षकों के खिलाफ कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा और जिम्मेदारी तय कर सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।

जर्जर विद्यालयों को हटाने के निर्देश

वर्षा ऋतु के पूर्व सभी जर्जर और जीर्ण-शीर्ण विद्यालय भवनों की पहचान कर उन्हें हटाने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। साथ ही स्पष्ट किया गया कि ऐसे भवनों में किसी भी स्थिति में कक्षाएं संचालित न की जाएं, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

निःशुल्क किताब और साइकिल वितरण में तेजी

कमिश्नर ने निःशुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि एक सप्ताह के भीतर सभी छात्र-छात्राओं को किताबें उपलब्ध कराई जाएं। इसके अलावा साइकिल वितरण योजना में भी लंबित मामलों को तुरंत पूरा करने के निर्देश दिए गए, ताकि छात्र-छात्राओं को स्कूल आने-जाने में सुविधा मिल सके।

मिशन अंकुर की प्रगति पर नाराजगी

मिशन अंकुर कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान छतरपुर, दमोह और टीकमगढ़ जिलों की प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई। इस पर कमिश्नर ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को स्थिति सुधारने के निर्देश दिए।

आंगनबाड़ी से स्कूल तक बच्चों का ट्रांजिशन

महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा में निर्देश दिए गए कि आंगनबाड़ियों में 6 वर्ष पूर्ण कर चुके बच्चों को प्राथमिक विद्यालयों में अनिवार्य रूप से दर्ज कराया जाए। इससे बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा सुनिश्चित होगी।

एएनसी पंजीयन और स्वास्थ्य सेवाओं पर सख्ती

कमिश्नर ने गर्भवती महिलाओं के एएनसी (एंटी नेटल केयर) पंजीयन को शत-प्रतिशत करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि जिन क्षेत्रों में प्रगति नहीं होगी, वहां संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सागर और निवाड़ी जिलों की धीमी प्रगति पर उन्होंने असंतोष जताते हुए वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिए।

पोषण और स्वास्थ्य योजनाओं में लापरवाही पर कार्रवाई

पोषण ट्रैकिंग, एनीमिया जांच, फूड बास्केट वितरण और टीबी पंजीयन में लापरवाही पर भी कमिश्नर ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने सागर, टीकमगढ़, दमोह और पन्ना जिलों के अधिकारियों के खिलाफ वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिए। इसके अलावा दमोह के पोषण पुनर्वास केंद्र में लक्ष्य के अनुरूप उपलब्धि न होने पर नोटिस जारी करने के आदेश दिए गए।

जवाबदेही तय कर सुधार पर जोर

कमिश्नर श्री सुचारी ने स्पष्ट किया कि सभी विभागों को अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी के साथ करना होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण जैसी बुनियादी सेवाओं में लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं की नियमित समीक्षा करें और जमीनी स्तर पर परिणाम सुनिश्चित करें, ताकि आम नागरिकों को योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके।


यह बैठक प्रशासन की सख्ती और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसमें शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य और पोषण तक हर क्षेत्र में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने के संकेत दिए गए हैं।

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