लापरवाही पर सख्त रुख, व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर जवाब देने के निर्देश
जिला प्रशासन में अनुशासन को लेकर कड़ा संदेश देते हुए प्रतिभा पाल (कलेक्टर, सागर) ने समय-सीमा बैठक में अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की है। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में शासकीय दायित्वों के प्रति लापरवाही और अनाधिकृत अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए तीन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि संबंधित अधिकारी स्वयं उपस्थित होकर अपना पक्ष प्रस्तुत करें और अनुपस्थिति का कारण बताएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय में जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया या जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो आगे कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
🧾 इन अधिकारियों को मिला नोटिस
- अशोक मुकाती – कार्यपालन यंत्री, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई)
- सुरेश कुमार – प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई
- डॉ. सरोज गुप्ता – प्राचार्य, पं. दीनदयाल उपाध्याय कॉलेज, सागर
प्रशासन का सख्त संदेश
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने बैठक में कहा कि समय-सीमा बैठकें शासन की प्राथमिक योजनाओं और विकास कार्यों की समीक्षा का अहम मंच होती हैं। इनमें अनुपस्थिति न केवल प्रशासनिक कार्यप्रणाली को प्रभावित करती है, बल्कि आम जनता को मिलने वाली सुविधाओं में भी बाधा उत्पन्न करती है।
उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने दायित्वों के प्रति गंभीर रहें और बैठकों में अनिवार्य रूप से उपस्थित हों, ताकि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।

विकास कार्यों की समीक्षा भी हुई
बैठक में विभिन्न विभागों की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। साथ ही जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने की हिदायत दी।
यह कार्रवाई जिले में प्रशासनिक अनुशासन को मजबूत करने और जिम्मेदार अधिकारियों को जवाबदेह बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।