सागर जिले में युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए प्रशासन द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में एक ओर जहां विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं के तहत लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं, वहीं दूसरी ओर “युवा संगम” कार्यक्रम के अंतर्गत रोजगार, स्वरोजगार एवं अप्रेंटिसशिप मेले का सफल आयोजन कर युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए।
जिला प्रशासन के निर्देशानुसार मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक उद्यम/स्वरोजगार योजना एवं विमुक्त, घुमंतु और अर्द्धघुमंतु वर्गों के लिए संचालित योजनाओं में वर्ष 2026-27 के लिए लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। इन लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने के लिए लीड बैंक अधिकारी, सागर को निर्देशित किया गया है कि वे अपने अधीनस्थ सभी बैंक शाखाओं को लक्ष्य आवंटित करें और समयबद्ध तरीके से योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।

निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार मुख्यमंत्री उद्यम योजना के अंतर्गत 40 प्रकरण, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत 225 प्रकरण तथा मुख्यमंत्री विमुक्त, घुमंतु और अर्द्धघुमंतु स्वरोजगार योजना (व्यक्तिमूलक) के अंतर्गत 20 प्रकरण स्वीकृत किए जाने हैं। प्रशासन का स्पष्ट उद्देश्य है कि पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचे और अधिक से अधिक युवाओं को स्वयं का व्यवसाय शुरू करने का अवसर मिल सके।
इसी दिशा में कलेक्टर प्रतिभा पाल के मार्गदर्शन में “युवा संगम” कार्यक्रम के अंतर्गत एक भव्य रोजगार, स्वरोजगार एवं अप्रेंटिसशिप मेले का आयोजन शासकीय संभागीय आईटीआई, सागर परिसर में किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन रोजगार कार्यालय सागर, शासकीय संभागीय आईटीआई तथा जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र सागर के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
मेले में जिले सहित आसपास के क्षेत्रों से आए कुल 292 अभ्यर्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इनमें से 176 अभ्यर्थियों का विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियों द्वारा प्राथमिक स्तर पर चयन किया गया, जो कि इस आयोजन की सफलता को दर्शाता है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करना और उन्हें निजी क्षेत्र की कंपनियों से सीधे जोड़ना रहा।
कार्यक्रम में देश और प्रदेश स्तर की कई प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इनमें हीरो मोटरसाइकिल भगवानगंज सागर, मदर्सन पीथमपुर, भारतीय जीवन बीमा निगम सागर, पेटीएम, शिवशक्ति एग्रीटेक प्रा. लि., ग्रेट ऑर्गेनिक डायमंड प्रा. लि., माय लाइफ स्टाइल मार्केटिंग ग्लोबल प्रा. लि., गेल इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल्स गुना, गोल्डन फार्मर ऑर्गेनिक एग्रीकल्चर तथा जील फैब्रिक पीथमपुर जैसी कंपनियां शामिल रहीं। इन कंपनियों के प्रतिनिधियों ने अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लेकर उनकी योग्यता के अनुसार चयन किया और कई उम्मीदवारों को मौके पर ही ऑफर लेटर भी प्रदान किए।
स्वरोजगार के क्षेत्र में भी कार्यक्रम महत्वपूर्ण साबित हुआ। जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र सागर के प्रतिनिधि अंकित पाठक द्वारा मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के अंतर्गत 5 हितग्राहियों को कुल 42 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया। इससे युवाओं को स्वयं का व्यवसाय शुरू करने के लिए आर्थिक सहयोग मिला और वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ सके।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को “मानसिक स्वास्थ्य हेतु नशा मुक्ति की शपथ” भी दिलाई गई, जिससे वे स्वस्थ और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित हों। इसके साथ ही हेल्थ एंड वेलनेस सत्र में युवाओं की काउंसलिंग की गई, जिसमें उन्हें मानसिक स्वास्थ्य, आत्मविश्वास बढ़ाने और इंटरव्यू से संबंधित आवश्यक व्यवहारिक कौशल की जानकारी दी गई।

इस आयोजन को सफल बनाने में कई अधिकारियों और कर्मचारियों का योगदान रहा। प्रभारी जिला रोजगार अधिकारी प्रमेन्द्र शर्मा, संस्था प्राचार्य सुश्री पूजा तिवारी, प्रशिक्षण अधीक्षक आर.के. दुबे सहित अन्य अधिकारियों ने चयनित युवाओं को शुभकामनाएं दीं। वहीं संभागीय प्लेसमेंट अधिकारी परमानंद सेन ने कार्यक्रम का सफल समन्वयन किया।
कार्यक्रम के समापन पर चयनित अभ्यर्थियों को औपचारिक रूप से ऑफर लेटर वितरित किए गए। युवाओं ने इस पहल के लिए जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में मजबूत आधार प्रदान करते हैं।
सागर जिले में स्वरोजगार योजनाओं के लक्ष्य निर्धारण और “युवा संगम” जैसे आयोजनों के माध्यम से यह स्पष्ट हो रहा है कि प्रशासन युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए गंभीरता से कार्य कर रहा है। यह पहल न केवल बेरोजगारी को कम करने में सहायक होगी, बल्कि जिले के समग्र आर्थिक विकास को भी गति देगी।