इंदौर में पानी संकट गहराया: पार्षद ने महापौर और कमिश्नर से मांगे टैंकर, बोले—जरूरत पड़ी तो घर जाकर लेंगे पानी !

Spread the love

इंदौर में गर्मी की शुरुआत के साथ ही पानी की किल्लत ने विकराल रूप लेना शुरू कर दिया है। शहर के कई इलाकों में पेयजल संकट गहराता जा रहा है, जिससे लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए जूझना पड़ रहा है। इसी बीच वार्ड क्रमांक 75 के पार्षद कुणाल सोलंकी ने इस समस्या को लेकर खुलकर नाराजगी जताई है और नगर प्रशासन से तत्काल पानी उपलब्ध कराने की मांग की है।

पार्षद सोलंकी ने पुष्यमित्र भार्गव और क्षितिज सिंघल को पत्र लिखकर अपने वार्ड में पानी की गंभीर स्थिति से अवगत कराया है। उन्होंने पत्र में स्पष्ट रूप से 10 पानी के टैंकर उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में राहत पहुंचाई जा सके। उनके अनुसार, वर्तमान में वार्ड के कई हिस्सों में न तो नियमित जल सप्लाई हो रही है और न ही वैकल्पिक व्यवस्था पर्याप्त है।

वार्ड 75 का क्षेत्रफल बड़ा होने के साथ-साथ इसमें ग्रामीण क्षेत्र भी शामिल हैं, जहां पहले से ही जल आपूर्ति की स्थिति कमजोर रहती है। गर्मी बढ़ने के साथ समस्या और गंभीर हो गई है। पार्षद का कहना है कि वार्ड के कई हिस्सों में नर्मदा से आने वाली जल सप्लाई नहीं पहुंच रही है, जिससे लोग पूरी तरह बोरिंग और निजी संसाधनों पर निर्भर हो गए हैं।

हालांकि अब हालात यह हो गए हैं कि कई जगहों पर बोरिंग भी सूखने लगे हैं। भूजल स्तर गिरने के कारण हैंडपंप और निजी बोरवेल जवाब दे रहे हैं। ऐसे में लोगों के सामने पीने के पानी तक का संकट खड़ा हो गया है। महिलाएं और बच्चे दूर-दूर से पानी लाने को मजबूर हैं।

पार्षद सोलंकी ने बताया कि उन्होंने प्रशासन से 6 छोटे और 4 बड़े टैंकर उपलब्ध कराने की मांग की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इस बीच उन्होंने खुद अपने स्तर पर कुछ टैंकरों की व्यवस्था करवाई है, ताकि लोगों को तत्काल राहत मिल सके। हालांकि यह व्यवस्था पूरे वार्ड की जरूरतों को पूरा करने में नाकाफी साबित हो रही है।

स्थानीय रहवासियों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से पानी की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। कई कॉलोनियों में दो-दो दिन तक पानी नहीं आ रहा है। लोग मजबूरी में महंगे दामों पर निजी टैंकर मंगवा रहे हैं, जिससे आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।

पार्षद ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे वार्ड के लोगों के साथ मिलकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि वे महापौर और निगम कमिश्नर के घर तक जाएंगे और वहां से पानी मांगकर लाएंगे, ताकि प्रशासन को स्थिति की गंभीरता का अहसास हो सके।

शहर में पानी की समस्या कोई नई नहीं है। हर साल गर्मी के मौसम में यह मुद्दा सामने आता है, लेकिन इस बार तापमान में तेजी से वृद्धि और जल स्रोतों के सूखने के कारण स्थिति ज्यादा गंभीर हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते जल प्रबंधन और आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में संकट और बढ़ सकता है।

नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि वे स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और जरूरत के अनुसार टैंकरों की व्यवस्था की जा रही है। हालांकि स्थानीय स्तर पर लोगों को अभी भी राहत नहीं मिल पाई है।

फिलहाल, इंदौर के कई हिस्सों में पानी की किल्लत लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन चुकी है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस समस्या का समाधान कितनी जल्दी करता है और लोगों को राहत मिलती है या नहीं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *