उज्जैन में ‘तुम सब मरोगे’ लिखकर दहशत फैलाने की कोशिश: कृषि अध्ययनशाला में संदिग्ध हरकत !

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मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय की कृषि अध्ययनशाला में अज्ञात शरारती तत्वों ने सोमवार तड़के ऐसी हरकत की, जिससे पूरे परिसर में डर का माहौल बन गया। नई बिल्डिंग के मुख्य गेट पर कुंकू से “तुम सब मरोगे” लिख दिया गया, वहीं गेट के पास मटकी, लाल कपड़ा और तंत्र क्रिया जैसे निशान भी पाए गए।


रात के अंधेरे में की गई हरकत

जानकारी के अनुसार यह घटना रात करीब 2 से 3 बजे के बीच की बताई जा रही है। रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार सुबह जब चौकीदार आशीष बोरिंग चालू करने पहुंचे, तब उन्होंने सबसे पहले यह संदिग्ध दृश्य देखा।

गेट के सामने रखी मटकी, लाल कपड़ा और कुंकू के निशान देखकर उन्हें कुछ गड़बड़ी का अंदेशा हुआ। पास जाकर देखने पर दीवार पर “तुम सब मरोगे” लिखा नजर आया, जिससे तुरंत अधिकारियों को सूचना दी गई।


स्टाफ और छात्रों में दहशत

घटना की जानकारी मिलते ही शिक्षक और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। दृश्य देखकर सभी हैरान और चिंतित हो गए। नई बिल्डिंग में करीब 10 दिन पहले ही कक्षाएं शुरू हुई थीं, जहां लगभग 1100 छात्र पढ़ाई कर रहे हैं।

ऐसे में इस तरह की धमकी भरी लिखावट और तंत्र-मंत्र जैसी गतिविधियों के संकेत मिलने से छात्रों में डर का माहौल बन गया। कई छात्र-छात्राओं और उनके परिजनों ने भी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।


CCTV नहीं, जांच में बड़ी बाधा

मामले की जांच में सबसे बड़ी चुनौती यह सामने आई कि बिल्डिंग के बाहर CCTV कैमरे नहीं लगे हैं। ऐसे में यह पता लगाना मुश्किल हो रहा है कि यह हरकत किसने और कैसे की।

अधिकारियों का कहना है कि अगर कैमरे होते तो आरोपियों की पहचान आसानी से हो सकती थी। अब आसपास के क्षेत्रों और अन्य संभावित स्रोतों से जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है।


प्रशासन ने हटवाए निशान, दीवार की कराई पुताई

कृषि अध्ययनशाला के विभागाध्यक्ष ने बताया कि अज्ञात लोगों द्वारा यह कृत्य किया गया है। मौके पर रखी मटकी, कपड़ा और अन्य सामग्री को तुरंत हटवा दिया गया है।

साथ ही दीवार पर लिखे आपत्तिजनक शब्दों को मिटाकर पुताई करवा दी गई है, ताकि परिसर में सामान्य माहौल बनाया जा सके। घटना की सूचना विश्वविद्यालय प्रशासन को दे दी गई है और आगे की कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है।


तंत्र-मंत्र या शरारत? जांच जारी

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह घटना किसी अंधविश्वास, तंत्र-मंत्र से जुड़ी है या सिर्फ डर फैलाने के उद्देश्य से की गई शरारत। हालांकि प्रारंभिक तौर पर इसे शरारती तत्वों की हरकत माना जा रहा है।

प्रशासन का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना ने विश्वविद्यालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। इतनी बड़ी संख्या में छात्रों के पढ़ने के बावजूद CCTV जैसी बुनियादी सुरक्षा व्यवस्था का अभाव चिंता का विषय है।

विशेषज्ञों का मानना है कि शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होना बेहद जरूरी है, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।


उज्जैन की इस घटना ने यह साफ कर दिया है कि शरारती तत्व किस तरह से डर और अफवाह फैलाने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई कर स्थिति को नियंत्रित कर लिया है, लेकिन इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना बेहद जरूरी है।

अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच में क्या सामने आता है और दोषियों तक पुलिस कब तक पहुंच पाती है।

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