छतरपुर स्थित महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में मंगलवार को छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। ATKT (Allowed To Keep Term) परीक्षा के ऑनलाइन आवेदन अचानक बंद किए जाने के विरोध में LLB और BA LLB के छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया। हालात इतने बिगड़ गए कि छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच झड़प तक हो गई और स्थिति संभालने के लिए पुलिस बुलानी पड़ी।
अचानक साइट बंद होने से भड़के छात्र
छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने बिना किसी पूर्व सूचना के ATKT परीक्षा के ऑनलाइन आवेदन पोर्टल को बंद कर दिया। इससे कई छात्रों को दोबारा परीक्षा देने का मौका नहीं मिल पाया।
ATKT व्यवस्था के तहत छात्रों को असफल विषयों की परीक्षा दोबारा देने का अवसर मिलता है, जिससे उनका साल बर्बाद नहीं होता। ऐसे में पोर्टल बंद होने से सैकड़ों छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है।

“मौका छीना गया” — छात्रों का आरोप
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि यह निर्णय न केवल अनुचित है, बल्कि उनके अधिकारों का हनन भी है। कुछ छात्रों ने आरोप लगाया कि यह कदम निजी कॉलेजों को लाभ पहुंचाने के लिए उठाया गया है, ताकि छात्र मजबूर होकर अन्य विकल्पों की ओर जाएं।
हालांकि, इस आरोप पर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
गेट बंद होने से बढ़ा तनाव
स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब छात्र विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन देने पहुंचे। आरोप है कि इसी दौरान मुख्य गेट बंद कर दिया गया, जिससे छात्र भड़क गए।
गुस्साए छात्रों ने गेट के बाहर ही धरना शुरू कर दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। माहौल धीरे-धीरे तनावपूर्ण होता गया।
कुलसचिव और छात्रों के बीच झड़प
धरने के दौरान कुलसचिव यशवंत सिंह पटेल मौके पर पहुंचे। छात्रों और उनके बीच बातचीत शुरू हुई, लेकिन यह जल्द ही तीखी बहस में बदल गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बहस इतनी बढ़ गई कि धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। इस घटना ने पूरे परिसर में अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया।
पुलिस को बुलाना पड़ा
स्थिति नियंत्रण से बाहर होती देख प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और किसी तरह हालात को काबू में किया।
पुलिस की मौजूदगी के बाद प्रदर्शन शांत हुआ, लेकिन छात्रों में आक्रोश बना हुआ है।

नेताओं और शिक्षकों का समर्थन
इस प्रदर्शन में यूथ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष लोकेन्द्र वर्मा और कांग्रेस नेत्री व पं. मोतीलाल नेहरू विधि कॉलेज की शिक्षिका कीर्ति विश्वकर्मा भी शामिल हुईं।
उन्होंने छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि मौजूदा महंगाई और कठिन परिस्थितियों में छात्र बड़ी मुश्किल से अपनी पढ़ाई जारी रख पा रहे हैं। ऐसे में उन्हें ATKT परीक्षा का मौका मिलना चाहिए।
कीर्ति विश्वकर्मा ने चेतावनी दी कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने जल्द कोई स्पष्ट और लिखित निर्णय नहीं लिया, तो छात्र न्यायालय का रुख कर सकते हैं।
अजीब घटना भी बनी चर्चा का विषय
प्रदर्शन के दौरान एक चपरासी के बाथरूम में छिपने की घटना भी सामने आई, जो पूरे घटनाक्रम में चर्चा का विषय बनी रही। यह घटना विश्वविद्यालय के भीतर के तनावपूर्ण माहौल को दर्शाती है।
प्रशासन की चुप्पी से बढ़ा आक्रोश
घटना के बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यही कारण है कि छात्रों में नाराजगी और बढ़ गई है।
छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
छात्रों की मुख्य मांगें
छात्रों ने प्रशासन के सामने कुछ प्रमुख मांगें रखी हैं:
- ATKT परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन पोर्टल दोबारा खोला जाए
- आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाई जाए
- भविष्य में बिना सूचना के ऐसे निर्णय न लिए जाएं
- छात्रों के हितों को प्राथमिकता दी जाए
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में हुआ यह प्रदर्शन केवल एक परीक्षा से जुड़ा मुद्दा नहीं है, बल्कि यह छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता से जुड़ा मामला है।
यदि प्रशासन समय रहते संवाद और समाधान का रास्ता नहीं अपनाता, तो यह विवाद और गहरा सकता है। फिलहाल सभी की नजरें विश्वविद्यालय के अगले कदम पर टिकी हैं, जो तय करेगा कि यह मामला शांत होता है या आंदोलन और तेज होता है।