कलेक्ट्रेट में गंदगी पर कलेक्टर सख्त: टीकमगढ़ में विशेष स्वच्छता अभियान, पूरे परिसर की कराई गई सफाई !

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टीकमगढ़। जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में फैली गंदगी को लेकर कलेक्टर विवेक श्रोतिय ने कड़ी नाराजगी जताई है। उनके निर्देश के बाद नगर पालिका ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पूरे परिसर में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया। इस अभियान के तहत संयुक्त कार्यालय भवन सहित आसपास के पूरे क्षेत्र की गहन सफाई की गई, जिससे अब परिसर पहले की तुलना में साफ-सुथरा नजर आ रहा है।

जानकारी के अनुसार, कलेक्ट्रेट परिसर में पिछले कुछ समय से जगह-जगह कचरे के ढेर जमा हो गए थे। नियमित सफाई व्यवस्था में लापरवाही के कारण स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही थी। यहां आने वाले आम नागरिकों, वकीलों और कर्मचारियों को गंदगी के कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। नालियों में कचरा जमा होने से दुर्गंध फैल रही थी और वातावरण भी अस्वच्छ हो गया था।

इस समस्या को लेकर लोगों ने कई बार शिकायत भी की थी। वहीं, कलेक्टर विवेक श्रोतिय ने स्वयं निरीक्षण के दौरान परिसर में फैली गंदगी को देखा, जिसके बाद उन्होंने तत्काल नाराजगी जताई। कलेक्टर ने नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) को निर्देश दिए कि कलेक्ट्रेट परिसर की तुरंत सफाई कराई जाए और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।

कलेक्टर के निर्देश मिलते ही नगर पालिका का अमला सक्रिय हो गया। बुधवार को बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे और विशेष स्वच्छता अभियान की शुरुआत की। इस दौरान पूरे परिसर में फैले कचरे को हटाया गया, झाड़ू लगाई गई और नालियों में जमे कचरे को भी साफ किया गया। सफाई के बाद कचरे का उचित निस्तारण भी सुनिश्चित किया गया।

अभियान के दौरान संयुक्त कार्यालय भवन के आसपास के क्षेत्र, पार्किंग स्थल, प्रवेश मार्ग और अन्य सार्वजनिक स्थानों की भी विशेष रूप से सफाई की गई। नगर पालिका की टीम ने यह सुनिश्चित किया कि कोई भी स्थान गंदगी से अछूता न रहे। इस कार्यवाही से कलेक्ट्रेट परिसर का वातावरण काफी हद तक स्वच्छ और व्यवस्थित हो गया।

नगर पालिका सीएमओ ओमपाल सिंह भदोरिया ने बताया कि यह विशेष अभियान स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत चलाया गया है। उन्होंने कहा कि शहर के प्रमुख सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि यहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग आते हैं। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि आगे से कलेक्ट्रेट परिसर में नियमित रूप से सफाई कराई जाएगी।

इसके साथ ही, कलेक्ट्रेट परिसर में आने-जाने वाले लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक और महत्वपूर्ण पहल की गई है। नगर पालिका द्वारा संयुक्त कार्यालय परिसर में पेयजल की व्यवस्था के लिए एक प्याऊ (जलपान केंद्र) शुरू किया गया है। इससे गर्मी के मौसम में लोगों को राहत मिलेगी और उन्हें पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा।

कलेक्टर विवेक श्रोतिय ने इस मौके पर सभी विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने कार्यालयों के आसपास साफ-सफाई बनाए रखें और स्वच्छता को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल नगर पालिका की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह अपने आसपास का वातावरण साफ रखे।

स्थानीय नागरिकों ने भी इस पहल का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि प्रशासन आगे भी इसी तरह सक्रिय रहेगा। उनका कहना है कि कलेक्ट्रेट जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए, ताकि आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।

यह अभियान न केवल तत्काल सफाई तक सीमित है, बल्कि यह एक संदेश भी देता है कि प्रशासन स्वच्छता को लेकर गंभीर है। यदि इसी तरह नियमित रूप से निगरानी और कार्रवाई होती रही, तो शहर के अन्य हिस्सों में भी स्वच्छता की स्थिति में सुधार देखा जा सकता है।

कुल मिलाकर, कलेक्टर की सख्ती के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में हुआ यह स्वच्छता अभियान प्रशासन की सक्रियता का उदाहरण है। अब देखना यह होगा कि भविष्य में इस स्वच्छता को बनाए रखने के लिए किस तरह के स्थायी कदम उठाए जाते हैं, ताकि यह व्यवस्था लंबे समय तक कायम रह सके।

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