इंदौर। शहर में एक युवती के साथ दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और उत्पीड़न का गंभीर मामला सामने आया है, जिसने कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि आरोपी ने नौकरी दिलाने का झांसा देकर उसे अपने जाल में फंसाया, नशीला पदार्थ देकर दुष्कर्म किया और फिर उसका वीडियो बनाकर लंबे समय तक ब्लैकमेल करता रहा।
पुलिस के अनुसार, यह मामला पलासिया थाना क्षेत्र का है, जहां युवती की शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपी की पहचान लकी उर्फ सोहेल पुत्र रईस खान, निवासी ग्रीन पार्क कॉलोनी के रूप में हुई है।
सोशल मीडिया से शुरू हुई पहचान
पीड़िता ने बताया कि उसकी आरोपी से पहचान वर्ष 2022 में सोशल मीडिया के माध्यम से हुई थी। इसके बाद दोनों की पहली मुलाकात शहर के चर्चित 56 दुकान क्षेत्र में हुई। यहां आरोपी ने उसे नौकरी दिलाने का भरोसा दिया और धीरे-धीरे दोस्ती बढ़ाई।
युवती का आरोप है कि आरोपी ने विश्वास जीतने के बाद उसे अपने प्रभाव में ले लिया और इसी का फायदा उठाकर आगे की साजिश रची।

नशीला पदार्थ देकर किया दुष्कर्म
पीड़िता के मुताबिक, 20 दिसंबर 2023 को आरोपी उसके तिलक नगर स्थित घर पहुंचा। उस समय घर में कोई नहीं था। आरोप है कि उसने खाने में नशीला पदार्थ मिलाकर दिया, जिससे वह बेहोश हो गई।
इस दौरान आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया और पूरी घटना का वीडियो भी बना लिया। होश में आने पर आरोपी ने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसे चुप रहने और अपने साथ संबंध बनाए रखने के लिए मजबूर किया।
वीडियो के जरिए लंबे समय तक ब्लैकमेलिंग
युवती का कहना है कि आरोपी ने वीडियो के जरिए उसे लगातार ब्लैकमेल किया और डराकर अपने साथ रहने के लिए मजबूर करता रहा। वह उसे अलग-अलग जगहों पर ले जाता था और मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित करता रहा।
मार्च 2024 में आरोपी उसे अजमेर ले गया, जहां कथित तौर पर उससे जबरन धार्मिक क्रियाएं करवाई गईं और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए गए।
गर्भपात और मारपीट के आरोप
पीड़िता ने आरोप लगाया कि अक्टूबर 2024 में वह गर्भवती हो गई थी। जब उसने आरोपी से शादी करने की बात कही, तो उसने इनकार कर दिया और दबाव बनाकर गर्भपात करा दिया। इस प्रक्रिया के दौरान उसकी तबीयत भी खराब हो गई।
इसके अलावा युवती ने यह भी आरोप लगाया कि उसे चंदन नगर क्षेत्र में एक व्यक्ति के पास ले जाया गया, जहां अंधविश्वास से जुड़ी गतिविधियां करवाई गईं।
युवती के अनुसार, उस पर धर्म परिवर्तन करने और विशेष धार्मिक रीति-रिवाज अपनाने का दबाव भी बनाया गया। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी दी गई।
शिकायत के बाद दर्ज हुआ मामला
लगातार उत्पीड़न से परेशान होकर पीड़िता ने अंततः मदद के लिए सामाजिक संगठनों के कुछ लोगों से संपर्क किया। इसके बाद मामला वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तक पहुंचा।
पुलिस ने देर रात आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और अन्य आरोपों की भी पुष्टि की जा रही है।
पुलिस की जांच जारी
पलासिया थाना पुलिस का कहना है कि पीड़िता के बयान के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है और आरोपी की तलाश की जा रही है। साथ ही मामले से जुड़े सभी पहलुओं—ब्लैकमेलिंग, मारपीट, जबरन धर्म परिवर्तन और अन्य आरोपों—की भी जांच की जा रही है।
महिला सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
यह घटना एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा और साइबर माध्यम से होने वाले अपराधों को लेकर चिंता बढ़ाती है। सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती कर धोखाधड़ी और शोषण के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि युवाओं को ऐसे मामलों में सतर्क रहने की जरूरत है और किसी भी अनजान व्यक्ति पर जल्द भरोसा नहीं करना चाहिए।फिलहाल यह मामला गंभीर आपराधिक श्रेणी में आता है और पुलिस की जांच के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आएगी। पीड़िता न्याय की उम्मीद में है, वहीं प्रशासन पर भी जिम्मेदारी है कि वह निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करे।