स्कूलों में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सख्ती: समय सीमा में पूरे करने के निर्देश, सागर में हुई संभागीय समीक्षा बैठक !

Spread the love

सागर में शासकीय स्कूलों में चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल के अपर संचालक डॉ. मनीष वर्मा ने की, जिसमें सागर संभाग के छह जिलों के शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

बैठक में समग्र शिक्षा अभियान और पीएम श्री योजना के तहत संचालित निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से अपने-अपने जिलों में चल रहे कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। इसमें नए भवन निर्माण, मरम्मत कार्य, स्कूलों की आधारभूत सुविधाओं के विकास सहित विभिन्न पहलुओं को फोटोग्राफ्स के जरिए दिखाया गया।

अपर संचालक डॉ. वर्मा ने समीक्षा के दौरान स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य तय समय सीमा में और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि स्कूलों का बुनियादी ढांचा जितना मजबूत होगा, छात्रों को उतना ही बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा। इसलिए निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ), एडीपीसी, सहायक यंत्री और उपयंत्रियों को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से निर्माण कार्यों की मॉनिटरिंग करें। साथ ही, जिन परियोजनाओं में किसी प्रकार की बाधा आ रही है, उन्हें संबंधित निर्माण एजेंसियों जैसे पीआईयू और आरईएस के साथ समन्वय कर जल्द से जल्द दूर किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि विकासखंड स्तर तक निगरानी तंत्र को मजबूत बनाया जाए, ताकि कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति पर लगातार नजर रखी जा सके।

बैठक में यह भी बताया गया कि सत्र 2022-23 से लेकर 2025-26 तक स्वीकृत सभी निर्माण कार्यों की प्रगति पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे हर प्रोजेक्ट की स्थिति का नियमित अपडेट रखें और किसी भी देरी की स्थिति में तुरंत कार्रवाई करें।

इस समीक्षा बैठक में संयुक्त संचालक एस.पी. सिंह बिसेन, जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद जैन, दमोह के जिला शिक्षा अधिकारी सुनील नेमा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा सहायक संचालक, आईटी समन्वयक और विभिन्न जिलों के शिक्षा विभाग के अधिकारी भी शामिल हुए।

गौरतलब है कि बैठक से पहले अपर संचालक डॉ. वर्मा ने भोपाल से सागर आते समय विदिशा जिले के दो स्कूलों का आकस्मिक निरीक्षण भी किया। उन्होंने शासकीय हाईस्कूल वन और शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल मनौरा में भवन मरम्मत कार्यों, आईसीटी लैब की स्थापना, स्मार्ट क्लास और इंटरैक्टिव पैनल के इंस्टॉलेशन का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने कक्षा 10वीं और 12वीं के उन विद्यार्थियों के लिए चल रही विशेष कक्षाओं का भी अवलोकन किया, जो द्वितीय अवसर परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिए कि इन विद्यार्थियों को विशेष ध्यान देकर बेहतर मार्गदर्शन प्रदान किया जाए, ताकि वे परीक्षा में सफल हो सकें।

अपर संचालक ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता सुधार के लिए केवल पाठ्यक्रम ही नहीं, बल्कि स्कूलों का भौतिक ढांचा भी उतना ही महत्वपूर्ण है। आधुनिक तकनीक जैसे स्मार्ट क्लास, डिजिटल लैब और इंटरैक्टिव पैनल के माध्यम से छात्रों को बेहतर और प्रभावी शिक्षा प्रदान की जा सकती है।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से स्कूलों के विकास के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, इसलिए यह जिम्मेदारी अधिकारियों की है कि इन संसाधनों का सही उपयोग सुनिश्चित करें।

कुल मिलाकर, यह बैठक सागर संभाग में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। यदि निर्देशों का पालन सही ढंग से किया गया, तो आने वाले समय में सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता और सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *