मौसम अलर्ट के बीच कलेक्टर की अपील: किसान फसल को सुरक्षित रखें, मंडियों में पुख्ता इंतजाम के निर्देश !

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सागर जिले में बदलते मौसम और संभावित बारिश को देखते हुए प्रशासन ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने खराब मौसम की आशंका के बीच किसानों से अपनी उपज को सुरक्षित रखने की अपील की है, ताकि अचानक बारिश या आंधी से फसलों को नुकसान न पहुंचे।

कलेक्टर ने कहा कि गेहूं, चना और मसूर जैसी तैयार फसलें इस समय खुले में रखी जाती हैं, जिससे बारिश होने पर नुकसान की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में किसानों को चाहिए कि वे अपनी उपज को सुरक्षित स्थानों पर रखें और यदि खुले में रखना जरूरी हो, तो उसे तिरपाल या प्लास्टिक कवर से अच्छी तरह ढक दें।

किसानों को दी गई जरूरी सलाह

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने किसानों को सावधानी बरतते हुए कहा कि मौसम के पूर्वानुमान पर नजर रखें और समय रहते अपनी फसल को सुरक्षित कर लें। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि खेतों या मंडियों में रखी उपज को जमीन से ऊंचाई पर रखें, ताकि पानी भरने की स्थिति में नुकसान कम हो।

मंडियों और उपार्जन केंद्रों को निर्देश

प्रशासन ने केवल किसानों को ही नहीं, बल्कि मंडी और उपार्जन केंद्रों पर कार्यरत अधिकारियों को भी सख्त निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने मंडी प्रभारियों और उपार्जन समिति के सदस्यों से कहा है कि वे अनाज के संरक्षण के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं तत्काल सुनिश्चित करें।

उन्होंने स्पष्ट किया कि उपार्जन केंद्रों पर तिरपाल, जल निकासी (ड्रेनेज) और सुरक्षित भंडारण की उचित व्यवस्था होना अनिवार्य है। यदि कहीं भी लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

किसानों की मेहनत बचाना प्राथमिकता

कलेक्टर ने कहा कि किसानों की मेहनत की फसल को सुरक्षित रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। थोड़ी सी लापरवाही से महीनों की मेहनत बर्बाद हो सकती है, इसलिए सभी संबंधित विभाग मिलकर काम करें और यह सुनिश्चित करें कि किसी भी किसान को नुकसान न उठाना पड़े।

मौसम पर नजर बनाए रखें

उन्होंने किसानों से यह भी अपील की कि वे स्थानीय मौसम अपडेट पर लगातार नजर रखें और किसी भी चेतावनी को नजरअंदाज न करें। जरूरत पड़ने पर तुरंत फसल को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करें।

सागर जिले में प्रशासन द्वारा जारी यह अपील किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यदि समय रहते सावधानी बरती जाए, तो खराब मौसम के बावजूद फसलों को सुरक्षित रखा जा सकता है। प्रशासन और किसानों के समन्वय से ही इस चुनौती का प्रभावी समाधान संभव है।

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