MP में मौसम का डबल अटैक: 27 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, बालाघाट में 10 हजार बोरी गेहूं भीगा, मंदसौर में भगवान पशुपतिनाथ को कूलर से राहत !

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भोपाल,
मध्यप्रदेश में इस बार मई की शुरुआत भीषण गर्मी के साथ-साथ आंधी और बारिश के मिलेजुले असर के साथ हुई है। मौसम विभाग ने रविवार को प्रदेश के 27 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम में इस अचानक बदलाव ने जहां लोगों को गर्मी से कुछ राहत दी है, वहीं किसानों और प्रशासन के लिए नई चिंता भी खड़ी कर दी है।

मौसम विभाग के अनुसार ग्वालियर, श्योपुर, शिवपुरी, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा सहित कुल 27 जिलों में तेज हवा, गरज-चमक और बारिश की संभावना बनी हुई है। यह स्थिति 6 मई तक जारी रहने के आसार हैं।

बालाघाट में भारी नुकसान, 10 हजार बोरी गेहूं भीगा

तेज आंधी और बारिश का सबसे ज्यादा असर बालाघाट जिले में देखने को मिला। यहां कोसमी गांव में तेज हवा के चलते सीमेंट शीट की छत गिर गई, जिससे तीन लोग घायल हो गए।
सबसे बड़ा नुकसान रेलवे स्टेशन के रैक पॉइंट पर हुआ, जहां खुले में रखा करीब 10 हजार बोरी गेहूं बारिश में भीग गया। यह गेहूं सरकारी खरीदी का था, जिससे लाखों रुपए के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

रायसेन और सीहोर में भी बिगड़े हालात

रायसेन जिले के छुछार गांव में तेज आंधी ने वेयरहाउस की टीन की छत उड़ा दी। इस वेयरहाउस में हजारों मीट्रिक टन मूंग का भंडारण किया गया था, जिससे फसल खराब होने का खतरा बढ़ गया है।
वहीं सीहोर जिले के इछावर, बोरदी और आसपास के गांवों में तेज हवा और बारिश से खरीदी केंद्रों पर खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में रखी फसल भीग गई। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।

मंदसौर में अनोखी पहल: भगवान को कूलर से राहत

मंदसौर जिले में मौसम का एक अलग ही रूप देखने को मिला। यहां शिवना नदी तट पर स्थित प्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर में भगवान को गर्मी से बचाने के लिए कूलर लगाया गया है।
मंदिर के पुजारी के अनुसार, भगवान को जीवंत स्वरूप मानकर उनकी सेवा की जाती है। सर्दियों में उन्हें कंबल ओढ़ाया जाता है और गर्मी में कूलर की व्यवस्था की जाती है। यह परंपरा स्थानीय आस्था और श्रद्धा का प्रतीक है।

भोपाल और अन्य शहरों में भी बदला मौसम

भोपाल सहित कई शहरों में शनिवार दोपहर बाद मौसम बदला और हल्की बारिश हुई। कुछ स्थानों पर तेज आंधी चली, जिससे पेड़ गिरने और होर्डिंग उड़ने की घटनाएं सामने आईं।
श्यामपुर रोड (सीहोर) और अन्य क्षेत्रों में पेड़ गिरने से यातायात भी प्रभावित हुआ। ब्यावरा और पिपरिया में धूल भरी आंधी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया।

मौसम विभाग ने बताई वजह

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, प्रदेश में दो ट्रफ लाइन सक्रिय हैं, जिसके कारण यह असामान्य मौसम देखने को मिल रहा है। आमतौर पर मई में जहां भीषण गर्मी पड़ती है, वहीं इस बार आंधी और बारिश का दौर शुरू हो गया है।

किसानों के लिए बढ़ी चिंता

इस मौसम बदलाव का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ रहा है। खुले में रखी गेहूं, चना और अन्य फसलें भीगने से खराब हो रही हैं। कई जगह खरीदी केंद्रों और वेयरहाउस की व्यवस्थाएं भी इस अचानक मौसम परिवर्तन के सामने कमजोर साबित हुई हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते फसल को सुरक्षित नहीं किया गया, तो बड़े पैमाने पर नुकसान हो सकता है।

बड़े शहरों का मौसम ट्रेंड

मध्यप्रदेश के प्रमुख शहरों—भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन—में मई महीने में गर्मी और बारिश दोनों का ट्रेंड रहा है।

  • भोपाल में तापमान 46.7°C तक जा चुका है, लेकिन बारिश भी हर साल होती है।
  • इंदौर में भीषण गर्मी के साथ 3 इंच तक बारिश दर्ज की जा चुकी है।
  • ग्वालियर में पारा 48°C तक पहुंच चुका है, लेकिन यहां भी बारिश का रिकॉर्ड रहा है।
  • जबलपुर और उज्जैन में भी गर्मी के साथ बारिश का मिश्रित असर देखने को मिलता है।

कुल मिलाकर, मध्यप्रदेश में इस बार मौसम ने असामान्य रूप ले लिया है। एक ओर जहां लोगों को गर्मी से राहत मिल रही है, वहीं किसानों के लिए यह राहत नुकसान में बदलती नजर आ रही है।
प्रशासन और किसानों को सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि आगामी दिनों में भी आंधी और बारिश का यह सिलसिला जारी रहने की संभावना है।

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