सागर के कैंट थाना क्षेत्र में हुए चर्चित चाकूबाजी मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। युवक पर जानलेवा हमला करने वाले चारों फरार आरोपियों को पुलिस ने रविवार शाम गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों को सार्वजनिक रूप से रेलवे स्टेशन रोड पर पैदल घुमाया, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और लोगों में सुरक्षा का संदेश भी गया।
यह घटना 1 मई की देर रात की बताई जा रही है, जब गुरु गोविंद सिंह वार्ड निवासी 25 वर्षीय अभिषेक जाटव अपने दोस्तों सोनू जाटव और विकास वाल्मीकि के साथ बाइक से रेलवे स्टेशन की ओर जा रहा था। रास्ते में वह एक परिचित से बातचीत करने के लिए रुका। इसी दौरान इलाके के ही रहने वाले राजा अहिरवार, अमित, अज्जू और अर्जुन ठाकुर वहां पहुंचे।
बताया जा रहा है कि आरोपियों और अभिषेक के बीच पहले से पुरानी रंजिश चल रही थी। इसी रंजिश के चलते आरोपियों ने आते ही गाली-गलौज शुरू कर दी। जब अभिषेक ने उन्हें ऐसा करने से रोका, तो विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। चारों आरोपियों ने मिलकर उस पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
हमले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अभिषेक के शरीर के कई हिस्सों—कंधे, पीठ, गर्दन, कमर और पैर—पर गहरे घाव लगे। घटना के दौरान आसपास मौजूद लोग दहशत में आ गए। किसी तरह स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और घायल अभिषेक को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

घटना के बाद पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एक विशेष टीम गठित की, जिसमें साइबर सेल और स्थानीय मुखबिर तंत्र को भी शामिल किया गया।
आरोपियों की तलाश में पुलिस ने लगातार दबिश दी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उनकी लोकेशन ट्रेस की गई। आखिरकार रविवार शाम पुलिस ने घेराबंदी कर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद किया गया।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। उन्होंने पुरानी रंजिश को ही हमले की मुख्य वजह बताया। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस रंजिश की असल वजह क्या थी और क्या इसमें कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने एक सख्त कदम उठाते हुए आरोपियों को घटनास्थल तक पैदल लेकर गई और स्टेशन रोड पर उनका जुलूस निकाला। इस कार्रवाई का उद्देश्य क्षेत्र में कानून व्यवस्था को लेकर सख्त संदेश देना था, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
इस दौरान बड़ी संख्या में लोग सड़क पर जमा हो गए और पुलिस की कार्रवाई को देखते रहे। कई लोगों ने इसे अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई बताते हुए सराहा, जबकि कुछ ने इसे कानून व्यवस्था के प्रति चेतावनी के रूप में देखा।
फिलहाल पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर दिया है और मामले की आगे की जांच जारी है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड पहले से रहा है या नहीं।
कुल मिलाकर, सागर पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने न केवल गंभीर वारदात के आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया, बल्कि आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा भी मजबूत किया है।