ड्रॉपआउट बच्चों की वापसी पर जोर स्कूल में प्रवेश दिलाएं, गर्भवती माताओं का 100% ANC पंजीयन अनिवार्य; प्रगति नहीं तो होगी कार्रवाई !

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सागर। जिले में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर प्रतिभा पाल ने अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विद्यालयों में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित किया जाए, ड्रॉपआउट बच्चों को चिन्हित कर पुनः शाला में प्रवेश दिलाया जाए और गर्भवती माताओं का एएनसी (ANC) पंजीयन भी पूरी तरह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित लक्ष्यों में प्रगति न लाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्टर ने विशेष रूप से आंगनबाड़ी केंद्रों पर ध्यान देते हुए निर्देश दिए कि 6 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके बच्चों को अनिवार्य रूप से विद्यालयों में दर्ज कराया जाए, ताकि उनकी औपचारिक शिक्षा समय पर शुरू हो सके। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक शिक्षा बच्चों के भविष्य की नींव होती है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

मानसून को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने स्कूल शिक्षा विभाग को निर्देशित किया कि 1 जून से पहले सभी जर्जर और जीर्णशीर्ण स्कूल भवनों की पहचान कर उन्हें डिसमेंटल (ध्वस्तीकरण) करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि ऐसे क्षतिग्रस्त भवनों में किसी भी स्थिति में कक्षाओं का संचालन न किया जाए, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

शिक्षा विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निःशुल्क किताब वितरण योजना को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विद्यार्थियों को एक सप्ताह के भीतर निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जाएं, ताकि उनकी पढ़ाई में किसी प्रकार का व्यवधान न आए। इसके साथ ही निःशुल्क साइकिल वितरण योजना की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए गए कि जिन पात्र छात्र-छात्राओं को अभी तक साइकिलें नहीं मिली हैं, उन्हें तत्काल वितरण सुनिश्चित किया जाए।

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने ‘मिशन अंकुर’ की प्रगति पर भी नाराजगी जताई और जिन ब्लॉकों में स्थिति संतोषजनक नहीं है, वहां तत्काल सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस मिशन का उद्देश्य बच्चों के शैक्षणिक स्तर में सुधार लाना है, इसलिए इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने गर्भवती माताओं के पंजीयन और उनके प्रशिक्षण को लेकर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीयन और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन क्षेत्रों में पंजीयन और सेवाओं में देरी पाई जाएगी, वहां संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

इसके साथ ही कलेक्टर ने एनीमिया जांच, फूड बास्केट वितरण, टीबी पंजीयन और पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) में लक्ष्यानुसार उपलब्धि न होने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इन योजनाओं में सुधार नहीं हुआ, तो वेतन वृद्धि रोकने जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जिला प्रशासन के इन सख्त निर्देशों से स्पष्ट है कि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में लापरवाही अब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने अधिकारियों को जमीनी स्तर पर काम करते हुए तय लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

कुल मिलाकर, प्रशासन का यह रुख जिले में शिक्षा के स्तर को सुधारने, बच्चों के भविष्य को सुरक्षित बनाने और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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