छतरपुर के सरकारी स्कूल में तोड़फोड़ का VIDEO: टॉयलेट का ताला तोड़कर कमोड-बेसिन फोड़े, प्राचार्य ने दर्ज कराई FIR !

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छतरपुर जिले के गढ़ीमलहरा थाना क्षेत्र में स्थित एक शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में तोड़फोड़ की घटना ने पूरे इलाके में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। यह घटना सिर्फ एक साधारण शरारत नहीं बल्कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलने वाली गंभीर वारदात बनकर सामने आई है। घटना का वीडियो स्कूल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है, जिससे मामले को लेकर पुलिस और प्रशासन दोनों सतर्क हो गए हैं।

जानकारी के मुताबिक, एक अज्ञात युवक ने स्कूल परिसर में घुसकर टॉयलेट का ताला तोड़ा और अंदर रखे कमोड, बेसिन और अन्य जरूरी सामान को पत्थरों से तोड़ दिया। इस तोड़फोड़ में स्कूल को काफी आर्थिक नुकसान हुआ है। खास बात यह है कि यह पूरी घटना उस समय हुई जब स्कूल बंद हो चुका था और परिसर में कोई स्टाफ मौजूद नहीं था।

स्कूल के प्राचार्य उमाशंकर अग्रवाल ने गढ़ीमलहरा थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि गर्मी के मौसम को देखते हुए स्कूल का समय सुबह से दोपहर 12 बजे तक निर्धारित किया गया है। सोमवार को भी निर्धारित समय के अनुसार स्कूल बंद हो गया था। लेकिन शाम करीब 5 बजकर 8 मिनट पर एक युवक स्कूल परिसर में घुसा। सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि युवक पहले इधर-उधर देखता है और फिर सीधे टॉयलेट की ओर बढ़ता है। वहां पहुंचकर उसने ताले को तोड़ा और अंदर घुसकर कमोड, बेसिन और अन्य सामान को पत्थर से तोड़ना शुरू कर दिया।

यह घटना अचानक नहीं हुई, बल्कि इसके पीछे पहले से चल रही घटनाओं की एक श्रृंखला भी सामने आई है। प्राचार्य ने बताया कि इससे पहले भी स्कूल में नल, पाइप और अन्य सामान को नुकसान पहुंचाया गया था। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से परेशान होकर ही स्कूल प्रशासन ने परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे, ताकि असामाजिक तत्वों पर नजर रखी जा सके। हालांकि कैमरे टॉयलेट के अंदर नहीं लगाए गए थे, लेकिन बाहर लगे कैमरों ने आरोपी की गतिविधियों को साफ-साफ रिकॉर्ड कर लिया है।

इस घटना के बाद स्कूल प्रशासन और स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि अगर स्कूल जैसे संस्थान भी सुरक्षित नहीं हैं, तो बच्चों के भविष्य और उनकी सुविधाओं पर गंभीर असर पड़ेगा। टॉयलेट जैसी बुनियादी सुविधा को नुकसान पहुंचाने से छात्रों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। यह न सिर्फ सरकारी संपत्ति का नुकसान है बल्कि शिक्षा व्यवस्था के प्रति असंवेदनशीलता को भी दर्शाता है।

गढ़ीमलहरा थाना प्रभारी टीआई रीता सिंह ने बताया कि प्राचार्य की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की गतिविधियां स्पष्ट रूप से कैमरे में नजर आ रही हैं, जिससे उसे जल्द पकड़ लिया जाएगा। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में भी पूछताछ कर रही है और संदिग्ध लोगों पर नजर रखी जा रही है।

इस घटना ने एक बार फिर स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में स्थित सरकारी स्कूल अक्सर सुरक्षा के मामले में कमजोर पाए जाते हैं। न तो वहां पर्याप्त सुरक्षा गार्ड होते हैं और न ही मजबूत बाउंड्री वॉल। ऐसे में असामाजिक तत्व आसानी से स्कूल परिसर में घुसकर इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे देते हैं।

स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि स्कूलों की सुरक्षा को मजबूत किया जाए। उन्होंने कहा कि सिर्फ सीसीटीवी कैमरे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि रात के समय सुरक्षा गार्ड की तैनाती और परिसर की नियमित निगरानी भी जरूरी है। इसके अलावा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की हरकत करने की हिम्मत न कर सके।

इस घटना का एक सामाजिक पहलू भी सामने आता है, जहां कुछ लोग सार्वजनिक संपत्ति को अपनी जिम्मेदारी नहीं मानते और उसे नुकसान पहुंचाने में जरा भी संकोच नहीं करते। ऐसी मानसिकता को बदलने के लिए समाज में जागरूकता लाना भी जरूरी है। स्कूल केवल पढ़ाई का स्थान नहीं होते, बल्कि वे समाज के विकास की नींव होते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा और सम्मान बनाए रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।

फिलहाल पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी हुई है और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। लेकिन इस घटना ने यह जरूर साबित कर दिया है कि स्कूलों की सुरक्षा को लेकर अब ठोस और स्थायी कदम उठाने की जरूरत है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके और छात्रों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।

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