सागर। जिले में चल रहे समर्थन मूल्य उपार्जन कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने एनएच-44 सागर-नरसिंहपुर मार्ग स्थित ग्राम बरकोटी कला के अंतर्गत माँ हरसिद्धी वेयरहाउस तथा कृषि मंडी केसली स्थित चना-मसूर खरीदी केंद्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने खरीदी प्रक्रिया की व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने माँ हरसिद्धी वेयरहाउस उपार्जन केंद्र पर किसानों से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने किसानों से पंजीयन प्रक्रिया, एसएमएस सूचना प्राप्ति, तुलाई में लगने वाले समय और भुगतान व्यवस्था के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया कि किसानों को उपज विक्रय में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
कलेक्टर श्रीमती पाल ने केंद्र पर उपलब्ध संसाधनों, बारदानों की पर्याप्तता, तौल कांटों की संख्या और अनाज के सुरक्षित भंडारण की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि केंद्र पर पर्याप्त संख्या में तौल कांटे उपलब्ध हों और सभी कांटों पर लगातार तुलाई कार्य किया जाए, जिससे किसानों को अनावश्यक प्रतीक्षा न करनी पड़े। उन्होंने स्पष्ट किया कि तुलाई प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर ने यह निर्देश भी दिए कि प्रत्येक बोरी पर लगने वाली पर्ची में किसान कोड अनिवार्य रूप से अंकित किया जाए। इससे उपज की पहचान और ट्रैकिंग प्रणाली अधिक सुदृढ़ और पारदर्शी बनेगी। उन्होंने कहा कि सभी प्रक्रियाएं निर्धारित नियमों के अनुरूप संचालित हों, ताकि किसानों का विश्वास बना रहे।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने उपार्जन केंद्र पर उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं—जैसे पेयजल, छाया, बैठने की व्यवस्था—का भी जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों की सुविधा के लिए बारदाने, सिलाई मशीन, कंप्यूटर, इंटरनेट कनेक्टिविटी और प्रशिक्षित स्टाफ की उपलब्धता हर समय सुनिश्चित की जाए।
आगामी मौसम में संभावित वर्षा को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उपज को सुरक्षित रखने के लिए तिरपाल से ढककर उचित भंडारण किया जाए, ताकि अनाज को किसी प्रकार की क्षति न पहुंचे। साथ ही भंडारण स्थलों पर जल निकासी और सुरक्षा व्यवस्था को भी दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए।

इसके पश्चात कलेक्टर ने कृषि मंडी केसली स्थित चना-मसूर खरीदी केंद्र का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने तौल व्यवस्था का गहन परीक्षण किया और किसानों से उपज की गुणवत्ता, बाजार भाव और खरीदी प्रक्रिया के अनुभवों के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने केंद्र पर तौल कांटों की नियमित जांच सुनिश्चित करने तथा तुलाई प्रक्रिया को पूरी तरह त्रुटिरहित और पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने स्पष्ट रूप से कहा कि उपार्जन केंद्रों पर किसानों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को सतत निगरानी बनाए रखने, समय-समय पर सुधार करने और किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचने के निर्देश दिए, ताकि उपार्जन कार्य पूरी पारदर्शिता और सुचारू रूप से संचालित हो सके।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम श्रीमती राजनंदनी शर्मा सहित जिला उपार्जन समिति के सदस्य एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। यह औचक निरीक्षण प्रशासन की किसानों के प्रति प्रतिबद्धता और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।