सागर। जल संरक्षण और संवर्धन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित “जल गंगा संवर्धन अभियान” के अंतर्गत कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने केसली विकासखंड के ग्राम जैतपुर का दौरा कर ऐतिहासिक महत्व की गुरु बाबा बावड़ी का स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बावड़ी के संरक्षण, गहरीकरण एवं आसपास चल रहे विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने बावड़ी में किए जा रहे गहरीकरण कार्य का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों से कार्य की वर्तमान स्थिति, तकनीकी पहलुओं और आगामी कार्ययोजना के बारे में जानकारी प्राप्त की। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बावड़ी का गहरीकरण कार्य निर्धारित समयसीमा में तेजी के साथ पूरा किया जाए, ताकि इसकी जल संग्रहण क्षमता में वृद्धि हो और क्षेत्र के जलस्तर में सुधार हो सके।

कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने कहा कि जल संरक्षण के ऐसे प्रयास न केवल वर्तमान जरूरतों को पूरा करते हैं, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए भी जल संसाधनों को सुरक्षित रखने में सहायक होते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पारंपरिक जल स्रोतों का संरक्षण आज के समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है और इस दिशा में प्रशासन पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।
निरीक्षण के दौरान बावड़ी के समीप निर्माणाधीन पुल का कार्य भी प्रगति पर पाया गया। कलेक्टर ने इस कार्य की गुणवत्ता का परीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि पुल निर्माण कार्य को भी निर्धारित मानकों के अनुरूप उच्च गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि इस पुल के निर्माण से स्थानीय ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी।

कलेक्टर ने यह भी सुनिश्चित किया कि निर्माण कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, तकनीकी मानकों और कार्यप्रणाली पर विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए समय-समय पर समीक्षा की जाए, ताकि कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण हो सके।
उन्होंने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत किए जा रहे कार्यों का उद्देश्य केवल संरचनाओं का निर्माण नहीं, बल्कि जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना भी है। ग्रामीणों को भी इन प्रयासों से जोड़ना आवश्यक है, ताकि वे जल स्रोतों के संरक्षण में अपनी सक्रिय भूमिका निभा सकें।

कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे कार्यों की प्रगति की नियमित समीक्षा करें और किसी भी प्रकार की बाधा आने पर उसका त्वरित समाधान करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता है कि ऐसे सभी कार्य गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से पूरे हों, जिससे आमजन को उनका प्रत्यक्ष लाभ मिल सके।
यह निरीक्षण जल संरक्षण के प्रति प्रशासन की गंभीरता और सक्रियता को दर्शाता है। “जल गंगा संवर्धन अभियान” के अंतर्गत किए जा रहे ये प्रयास निश्चित रूप से जिले में जल संकट को कम करने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।