खुरई मंगलवार को एसडीएम कार्यालय में आयोजित संयुक्त जनसुनवाई में क्षेत्र के नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया। एसडीएम श्री मनोज कुमार चौरसिया ने उपस्थित आवेदकों से सीधे संवाद कर उनकी शिकायतें जानीं और संबंधित विभागों के अधिकारियों से मौके पर ही जानकारी लेकर समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
जनसुनवाई के दौरान विभिन्न गांवों से आए नागरिकों ने अपनी समस्याओं को लेकर आवेदन प्रस्तुत किए। प्राप्त जानकारी के अनुसार कुल 17 प्रमुख प्रकरण दर्ज किए गए, जिनमें भूमि विवाद, अतिक्रमण, राशन पर्ची और सीमांकन से जुड़ी समस्याएं प्रमुख रहीं। एसडीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी मामलों का निराकरण अधिकतम एक सप्ताह के भीतर किया जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके।
भूमि और अतिक्रमण से जुड़े मामलों की संख्या सबसे अधिक रही। ग्राम ढिकुआ निवासी अनरत सिंह ने अतिक्रमण हटाने की मांग की, वहीं खिमलासा के ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से आवेदन प्रस्तुत कर शासकीय आम रास्ते पर किए गए अवैध कब्जों को हटाने की मांग उठाई। इस पर एसडीएम ने राजस्व अमले को तत्काल जांच कर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
ग्राम खजुरिया के मुकुंदी और हरिराम प्रजापति ने अपनी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत दर्ज कराई, जबकि भरछा निवासी उदय सिंह राजपूत ने नक्शा सुधार के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। इन मामलों में एसडीएम ने संबंधित पटवारी एवं राजस्व अधिकारियों को प्राथमिकता से कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

राशन व्यवस्था से जुड़ी शिकायतें भी जनसुनवाई में सामने आईं। खिमलासा निवासी जितेंद्र और मनीष ने राशन पर्ची बनवाने तथा समय पर राशन न मिलने की समस्या बताई। इस पर एसडीएम ने खाद्य विभाग के अधिकारियों को तत्काल जांच कर पात्र हितग्राहियों को लाभ दिलाने के निर्देश दिए।
कृषि भूमि सीमांकन के मामले भी बड़ी संख्या में आए। जगत सिंह यादव सहित कई किसानों ने अपनी जमीन की पैमाइश कराने के लिए आवेदन दिया। ग्राम ऐचनवारा के शिब्बू ने पुलिस बल की उपस्थिति में जमीन का सीमांकन कराने की मांग की, ताकि विवाद की स्थिति न बने। वहीं मनसुख अहिरवार ने खेत की मेड़ तोड़े जाने और पत्थर फेंकने जैसे विवादों के समाधान के लिए आवेदन प्रस्तुत किया।
एसडीएम श्री मनोज कुमार चौरसिया ने सभी आवेदनों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि वे समयबद्ध और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई का उद्देश्य आमजन की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान करना है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कुछ मामलों का मौके पर ही निराकरण भी किया गया, जिससे आवेदकों को तत्काल राहत मिली। शेष प्रकरणों के लिए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट समयसीमा दी गई है और उनकी नियमित मॉनिटरिंग भी की जाएगी।
जनसुनवाई में आए नागरिकों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान होगा। प्रशासन ने भी आश्वस्त किया कि जनहित से जुड़े मामलों में प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
इस प्रकार संयुक्त जनसुनवाई एक प्रभावी मंच के रूप में सामने आई, जहां प्रशासन और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित हुआ और समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए गए।