मध्यप्रदेश की समृद्ध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पर्यटन विरासत से विद्यार्थियों को परिचित कराने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पर्यटन निगम के तत्वावधान में आयोजित “मप्र पर्यटन क्विज 2025” के विजेता एवं उपविजेता विद्यार्थियों के लिए विशेष शैक्षणिक एवं पर्यटन भ्रमण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। दो चरणों में आयोजित यह भ्रमण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसमें विद्यार्थियों को प्रदेश के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पुरातात्विक महत्व के स्थलों को नजदीक से देखने और समझने का अवसर मिला।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान से आगे बढ़ाकर प्रदेश की गौरवशाली धरोहरों से सीधे जोड़ना था, ताकि वे मध्यप्रदेश की समृद्ध संस्कृति, इतिहास और पर्यटन स्थलों की विशेषताओं को व्यवहारिक रूप से समझ सकें। यह भ्रमण विद्यार्थियों के लिए न केवल ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि उनके व्यक्तित्व विकास और सांस्कृतिक समझ को भी नई दिशा देने वाला साबित हुआ।

शिवपुरी और चंदेरी के ऐतिहासिक वैभव से रूबरू हुए विजेता विद्यार्थी
भ्रमण कार्यक्रम के प्रथम चरण में मप्र पर्यटन क्विज 2025 की विजेता टीम के 9 सदस्यों को 27 अप्रैल से 29 अप्रैल 2026 तक शिवपुरी और चंदेरी के ऐतिहासिक एवं पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने ऐतिहासिक धरोहरों, प्राचीन स्थापत्य कला और प्राकृतिक सौंदर्य को करीब से देखा।
शिवपुरी में विद्यार्थियों ने ऐतिहासिक स्मारकों, प्राकृतिक स्थलों और पर्यटन केंद्रों का अवलोकन किया। वहीं चंदेरी में उन्होंने प्राचीन किलों, बावड़ियों और ऐतिहासिक इमारतों की स्थापत्य कला को समझा। चंदेरी अपनी ऐतिहासिक विरासत और प्रसिद्ध हस्तकरघा कला के लिए देशभर में पहचान रखता है। विद्यार्थियों ने यहां की ऐतिहासिक धरोहरों के साथ स्थानीय संस्कृति और पारंपरिक कला की भी जानकारी प्राप्त की।
सांची, भोजपुर और भीमबेटका की ऐतिहासिक धरोहरों का मिला अनुभव
भ्रमण कार्यक्रम के दूसरे चरण में उपविजेता टीम के विद्यार्थियों को 4 मई से 5 मई 2026 तक सांची स्तूप, भोजपुर मंदिर, भीमबेटका शैलाश्रय तथा भोपाल के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया गया।
विद्यार्थियों ने सांची स्तूप की ऐतिहासिक और बौद्ध विरासत के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्हें बताया गया कि सांची विश्व धरोहर स्थलों में शामिल है और यह भारत की प्राचीन बौद्ध संस्कृति का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। भोजपुर में विद्यार्थियों ने राजा भोज द्वारा निर्मित प्रसिद्ध शिव मंदिर की विशाल स्थापत्य शैली को देखा और उसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को समझा।
वहीं भीमबेटका की प्रागैतिहासिक गुफाओं ने विद्यार्थियों को मानव सभ्यता के प्रारंभिक इतिहास से परिचित कराया। यहां मौजूद हजारों वर्ष पुराने शैलचित्रों और गुफाओं की जानकारी ने विद्यार्थियों में विशेष उत्साह पैदा किया। विशेषज्ञों और गाइडों द्वारा उन्हें इन स्थलों के पुरातात्विक महत्व और ऐतिहासिक तथ्यों की विस्तार से जानकारी दी गई।

विद्यार्थियों के लिए की गई विशेष व्यवस्थाएं
दोनों चरणों में विद्यार्थियों के लिए आवागमन, आवास, भोजन और सुरक्षा सहित सभी व्यवस्थाएं मध्यप्रदेश पर्यटन निगम द्वारा सुनिश्चित की गईं। विद्यार्थियों को पर्यटन स्थलों की सटीक जानकारी देने के लिए प्रशिक्षित टूरिस्ट गाइड भी उपलब्ध कराए गए।
यात्रा के दौरान विद्यार्थियों के लिए नाश्ता और भोजन की व्यवस्थित व्यवस्था की गई, जिससे उन्हें सुरक्षित और सहज वातावरण में अध्ययन आधारित भ्रमण का अनुभव प्राप्त हुआ। अधिकारियों के अनुसार इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों को केवल मनोरंजन नहीं बल्कि सीखने और समझने का अवसर भी प्रदान करते हैं।
शिक्षकों और क्विज मास्टर ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
भ्रमण कार्यक्रम के दौरान टीमों के संचालन और समन्वय का दायित्व क्विज मास्टर अखिलेश मिश्रा, शिक्षिका दिव्या तिवारी तथा शिवाली साहू द्वारा सफलतापूर्वक निभाया गया। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रत्येक स्थल की विशेषताओं से अवगत कराया और पूरे भ्रमण के दौरान अनुशासन एवं व्यवस्थाओं का ध्यान रखा।
ज्ञान और प्रेरणा से भरपूर रहा अनुभव
विद्यार्थियों ने इस शैक्षणिक भ्रमण को अत्यंत प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक बताया। उनका कहना था कि किताबों में पढ़े गए ऐतिहासिक स्थलों को प्रत्यक्ष देखने का अनुभव बेहद अलग और रोमांचक रहा। इस भ्रमण ने उनमें इतिहास, संस्कृति और पर्यटन के प्रति नई रुचि विकसित की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों में जिज्ञासा, सीखने की क्षमता और सांस्कृतिक समझ को बढ़ावा देते हैं। साथ ही वे अपने राज्य की ऐतिहासिक धरोहरों और पर्यटन स्थलों के महत्व को बेहतर तरीके से समझ पाते हैं। मप्र पर्यटन क्विज 2025 के अंतर्गत आयोजित यह भ्रमण विद्यार्थियों के लिए यादगार और प्रेरणादायक अनुभव बनकर सामने आया।